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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को एक किस्त में सारा भुगतान करेंगी चीनी मिलें

पहले एफआरपी (फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस) कई किस्तों में दी जाती थी, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था। अब सरकार के इस फैसले के बाद किसानों में खुशी और उम्मीद की लहर है।

यह दोहरी खुशखबरी गन्ना किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है—एक तरफ उन्हें समय पर और पूरा भुगतान मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट खेती से मुनाफा भी बढ़ेगा।


Published: 14:33pm, 17 Apr 2025

महाराष्ट्र सरकार ने गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चीनी मिलों को उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) का भुगतान एक किस्त में करने का आदेश दिया है। यह फैसला मंगलवार को लिया गया, जिससे गन्ना किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पहले किसानों को समय पर भुगतान न मिलने की शिकायतें आम थीं, लेकिन अब इस निर्णय से उनकी मुश्किलें कम होंगी।

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मैं सरकार के एकमुश्त FRP भुगतान के निर्देश का समर्थन करता हूँ। पहले चीनी मिलों के दबाव में किस्तों में भुगतान का नियम लागू किया गया था, जो हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ था।” शेट्टी ने 2022 में इस मुद्दे पर अदालत का रुख किया था, जिसके बाद कोर्ट ने केंद्रीय अधिनियम का पालन करने का निर्देश दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार का सुप्रीम कोर्ट जाने का इरादा किसानों के हितों के खिलाफ हो सकता है।

गन्ने के खेती के लिए AI टेक्नोलॉजी 

इसके अलावा, महाराष्ट्र में गन्ना खेती को और सशक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग शुरू हुआ है। AI के प्रयोग से खेती की लागत 20-40% तक कम हुई है और 30% तक पानी की बचत हुई है। AI मिट्टी की त्वरित जाँच में भी मदद कर रहा है, जिससे समय की बचत के साथ मिट्टी की गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी मिल रही है।

ये कदम गन्ना किसानों के लिए न केवल आर्थिक राहत लाएंगे, बल्कि आधुनिक तकनीक से उनकी खेती को भी अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाएंगे।

YuvaSahakar Desk