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Retail Inflation: खाने-पीने की वस्तुएं महंगी होने से अप्रैल में बढ़ी खुदरा महंगाई, 3.48% पर पहुंची

खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च में यह दर 3.40 प्रतिशत थी। लगातार दूसरे महीने महंगाई में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

Published: 11:20am, 13 May 2026

खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च में यह दर 3.40 प्रतिशत थी। लगातार दूसरे महीने महंगाई में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

सरकार के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य महंगाई दर भी अप्रैल में बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई, जबकि मार्च में यह 3.87 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों का असर धीरे-धीरे रोजमर्रा की वस्तुओं पर दिखाई देने लगा है।

अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा महंगाई चांदी के आभूषणों में दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार चांदी के आभूषणों की कीमतों में 144.34 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा नारियल-कोपरा में 44.55 प्रतिशत, सोना-हीरा-प्लैटिनम ज्वेलरी में 40.72 प्रतिशत, टमाटर में 35.28 प्रतिशत और फूलगोभी में 25.58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि कुछ वस्तुओं की कीमतों में राहत भी देखने को मिली। अप्रैल में आलू, प्याज, मटर, कार-जीप और एयर कंडीशनर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.74 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.16 प्रतिशत दर्ज की गई। इसका मतलब है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं और जरूरी सामानों की कीमतों का असर अधिक देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई ग्रामीण परिवारों के बजट पर ज्यादा दबाव डाल रही है।
राज्यों की बात करें तो तेलंगाना में सबसे ज्यादा 5.81 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई। इसके बाद आंध्र प्रदेश (4.20%), तमिलनाडु (4.18%), कर्नाटक (4.00%) और राजस्थान (3.77%) का स्थान रहा। वहीं सबसे कम महंगाई मिजोरम में 0.69 प्रतिशत रही। इसके अलावा छत्तीसगढ़ (1.77%), दिल्ली (1.96%), लद्दाख (2.02%) और अरुणाचल प्रदेश (2.07%) में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम रही।

रिजर्व बैंक ने पहले ही पश्चिम एशिया के तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी को महंगाई के लिए बड़ा खतरा बताया था। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण ईंधन महंगा हुआ है, लेकिन अच्छी रबी फसल से खाद्य आपूर्ति बेहतर रहने की उम्मीद है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

YuvaSahakar Team