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नीट विवाद के बाद रेलवे का बड़ा फैसला, रेलनेट से भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र

रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण के लिए अपने निजी नेटवर्क ‘रेलनेट’ और ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन (IFC) सिस्टम का इस्तेमाल करेगा

Published: 10:36am, 15 Jun 2026

नीट पेपर लीक जैसे विवादों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे अब अपनी भर्ती परीक्षाओं के संचालन के लिए खुद का सॉफ्टवेयर और सर्वर विकसित करेगा, जिससे बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण के लिए अपने निजी नेटवर्क ‘रेलनेट’ और ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन (IFC) सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। रेलनेट भारतीय रेलवे का आंतरिक इंटरनेट नेटवर्क है, जो सार्वजनिक इंटरनेट से पूरी तरह अलग और सुरक्षित रहता है। वहीं, रेल पटरियों के नीचे बिछे ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र सीधे परीक्षा केंद्रों तक भेजे जाएंगे। इससे साइबर हमलों और डेटा लीक की आशंका काफी कम हो जाएगी।

रेलवे एक स्वतंत्र परीक्षा संचालन विंग भी गठित करेगा, जो केवल रेलवे की रिक्तियों के लिए भर्ती परीक्षाओं का संचालन करेगा। यह विंग परीक्षा प्रबंधन, तकनीकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के चयन में भी सख्त मानक लागू किए जाएंगे। अभी तक निजी संस्थानों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता था, लेकिन अब रेलवे अपने नियंत्रण वाले केंद्रों या कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता देगा।

इन केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य होंगी। रेलवे का मानना है कि इन उपायों से फर्जी उम्मीदवारों, नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा भर्ती प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगी।

YuvaSahakar Desk