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बिहार में पीएचडी के नियम सख्त, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन अनिवार्य

बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है, कुलाधिपति सचिवालय ने सभी कुलपतियों को यूनिफॉर्म ऑर्डिनेंस-2026 के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है

Stricter PhD Evaluation Norms Introduced in Bihar Universities


Published: 09:30am, 10 Sep 2026

पटना: बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। कुलाधिपति सचिवालय ने सभी कुलपतियों को यूनिफॉर्म ऑर्डिनेंस-2026 के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था से पीएचडी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और चुनौतीपूर्ण होगी, साथ ही राज्य की शोध डिग्रियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है।

नए नियमों के अनुसार कुलपति पीएचडी थीसिस के मूल्यांकन के लिए छह बाहरी विशेषज्ञों का पैनल तैयार करेंगे। इनमें कम से कम तीन विशेषज्ञ दूसरे राज्यों के होंगे। आवश्यकता पड़ने पर विदेशी विशेषज्ञों को भी पैनल में शामिल किया जा सकेगा। थीसिस का मूल्यांकन राज्य के बाहर के तीन विशेषज्ञों से कराया जाएगा। यदि दो परीक्षक थीसिस को खारिज कर देते हैं तो शोधार्थी का पंजीयन रद्द किया जा सकता है। गंभीर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में शोध निर्देशक के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है।

शोधार्थी को विभागीय प्री-पीएचडी प्रेजेंटेशन देना होगा। थीसिस जमा होने के 15 दिनों के भीतर विश्वविद्यालय को उसे डिजिटल माध्यम से परीक्षकों के पास भेजना होगा। पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया और साक्षात्कार छह महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।

प्लेगरिज्म को लेकर भी सख्त व्यवस्था की गई है। थीसिस में साहित्यिक चोरी 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। इससे अधिक प्लेगरिज्म मिलने पर थीसिस सुधार के लिए वापस कर दी जाएगी।

इसके अलावा शोधार्थी को कम से कम एक शोध-पत्र मान्यता प्राप्त जर्नल में प्रकाशित कराना तथा दो राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में अपना शोध प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। राज्यपाल सचिवालय का मानना है कि नई व्यवस्था से शोध की गुणवत्ता, पारदर्शिता और पीएचडी की साख मजबूत होगी।

Jitendra