एम्सतलवीन (नीदरलैंड)
नवनीत कौर, ललरेमसियामी, दीपिका सहरावत और बलजीत कौर चौकड़ी ने अपनी कप्तान आक्रामक सेंटर हाफ सलीमा टेटे और नेहा के बीच मैदान से बराबरी आगे बढ़ाई गेंद पर ऐसे तेज हमले बोले की दुनिया की चौथे की नंबर की टीम ओलंपिक रजत पदक चीन की ‘दीवार’ को यहां एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में पूल डी के अहम मैच में दो बार तोड़ा। चीन ने वेगनर स्टेडियम में अपने रुतबे के मुताबिक जवाबी हमले बोलते हुए दोनों बार बराबरी कर भारत को दो दो की बराबरी पर रोक कर अंक बांटे। वहीं इग्लैंड की महिला टीम ने सुबह पूल डी में दक्षिण अफ्रीका पर 4-0 से जीत से आगाज किया
चीन ने भारत के गोल पर कई खतरनाक हमले बोले लेकिन भारत की गोलरक्षक सविता पूनिया और बिच्छू देवी खरीबम ने खासतौर पर तीसरे और आखिरी क्वॉर्टर में उसके दो दो लगभग निश्चित गोल रखे। बेशक भारत को अगले दो मैचों अपनी निशानेबाजी बेहतर करनी होगी। भारत की 11 लड़कियों का यह पहला हॉकी विश्व कप था और इस लिहाज उनकी गलतियों को तूल नहीं दिया जा सकता क्योंकि इस अनुभव से वे बेशक आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगी
नवनीत कौर और दीपिका सहरावत के एक एक गोल से भारत ने हाफ टाइम तक 2-1की बढ़त ले ली थी। भारत के खिलाफ अंपायर द्वारा मैच के 15वें मिनट में चीन को दी पेनल्टी स्ट्रोक खासी विवादास्पद रही और जिस पर जियाकी जोंग के गोल से चीन ने पिछड़ने के बाद वापसी की। भारत की टीम तीसरे क्वॉर्टर में उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाई और इसी का लाभ उठा कर मा निंग ने चीन को दो दो की बराबरी दिलाई। भारत ने चौथे और आखिरी क्ववार्टर में जरूर विजयदाई गोल के लिए ताकत झोंक दी लेकिन अपना रेफरल गवां के लिए आखिर में जिस पेनल्टी कॉर्नर वह रेफरल मांग सकती वह उसे नहीं मिला।
दुनिया की नौवें टीम भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन और कप्तान सलीमा टेटे ने चीन को बराबरी पर रोकने पर संतोष जताया। मराइन ने कहा कि तीसरे क्वॉर्टर को छोड़ कर भारतीय टीम ने चीन को कड़ी टक्कर दी हालांकि कुछ फैसले हमारे खिलाफ रहे। मराइन ने कहा पहले तो हमारे खिलाफ चीन को पहले क्वॉर्टर में दिया गया पेनल्टी स्ट्रोक अृर इस पर हमने रेफरल भी खो दिया और इसीलिए मैच के आखिर में हमारे पास पेनल्टी कॉर्नर के लिए रेफरल ही नहीं बचा था।
कप्तान आक्रामक सेंटर हाफ सलीमा टेटे की अगुआई में नवनीत कौर व ललरेमसियामी, ऋतुजा डडासो पिसल ने दाएं से हमले बोल कर चीन के चौंका दिया। सलीमा टेटे पांचवें मिनट में गेंद को लेकर डी में पहुंची और उन्हें गलत ढंग से रोकने पर मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर ने तेज शॉट जमाया लेकिन चीन की गोलरक्षक लियू पिंगने इसे रोक कर उन्हें गोल करने से रोका। नेहा ने दो मिनट बाद डी के बाहर से फ्री हिट पर तेज शॉट जमाया और नवनीत कौर ने इस पर अपनी स्टिक लगाई और गेंद चीन की गोलरक्षक पिंग को छकाते हुए गोल में चली गई और भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई। यह भी एक सुखद संयोग है कि चीन के खिलाफ पिछले दो मैचों की तरह भारत के लिए पहला गोल एक बार उसकी स्टार स्ट्राइकर नवनीत कौर ने दागा। नवनीत कौर के इकलौते गोल से भारत ने चीफ कोच हरेन्द्र के मार्गदर्शन में चीन को 2024 में राजगीर में महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 1-0 से हरा खिताब जीतना था। नवनीत कौर के इकलौते गोल के बावजूद भारत की महिला टीम 2025 में एशिया कप में फाइनल में 1-4से हार गया और उसे इसीलिए महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर खेलना पड़ा था।नवनीत कौर ने एक बार चीन के खिलाफ पहले गोल करने का सिलसिला जारी रखा।
जियाकी जोंग ने पहला क्वॉर्टर खत्म होने से ठीक पहले मिले पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदल कर चीन को एक एक की बराबरी दिलाई।पहले क्वॉर्टर के आखिरी मिनट में यिंग झेंग गेंद को अपने स्टिक पर लेने से पहले ही खुद डी में गिर गई जबकि पीछे से आती शिल्पी डबास तब तक गेंद तक ही नहीं पहुंची। भारत ने इस पर रेफरल लिया लेकिन विडियो अंपायर ने भी मैदानी अंपायर के इस फैसले को बरकरार रखा। दीपिका सहरावत बाएं से तेजी से गेंद को लेकर डी में पहुची और इस पर उन्हें गलत ढंग से रोकने पर मैच के 25 वें मिनट में भारत को मैच का तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस उन्होंने खुद बढ़िया ड्रैग फ्लिक से गोल कर भारत को मैच में दूसरी बार 2-1 से आगे कर उिया। ललरेमिसयामी के पास पर नेहा ने दाएं डी के भीतर गेंद संभाल तेज शॉट जमाया लेकिन चीन की गोलरक्षक पिंग लियू ने गोता लगा इसे रोक कर भारत को अपनी बढ़त बढ़ाने से रोक दिया। भारत हाफ टाइम तक 2-1से आगे था। मा निंग ने तीसरे क्वॉर्टर के नौंवे मिनट में मिले दूसरे पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल चीन को दो दो की बराबरी दिला दी।
भारत के चौथे और आखिरी क्ववॉर्टर में नवनीत कौर और ललरेमसियामी की जुगलबंदी ने बहुत तेज हमले लेकिन चीन की गोलरक्षक लियू पिंग ने इन्हे रोक कर बेकार कर दिया और इसमें नवनीत कौर के आखिरी प्रयास पर अंपायर ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया और यह मिला होता तो भारत यह मैच ड्रॉ कराने की बजाय जीत सकता था।


