Trending News

2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन 2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन

सहकार से समृद्धि की ओर: 6 स्तंभों पर टिकी 23 साल बाद आई नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति

नई सहकारिता नीति के छह रणनीतिक स्तंभों से सहकारी समितियों का सशक्तिकरण, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा नया अवसर

Published: 10:15am, 26 Jul 2025

देश को 23 वर्षों के बाद नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति मिली है, जिसका उद्घाटन गुरुवार को दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन ऑडिटोरियम में केंद्रीय गृह एंव सहकारिता मंत्री ने किया। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। राष्ट्रीय सहकारिता नीति के उद्देश्य की प्राप्ति 6 महत्वपूर्ण रणनीतिक स्तंभो के द्वारा की जाएगी।

नींव का सशक्तिकरण

सहकारी समितियों को स्वायत्ता प्रदान की जाए ताकि वे बिना किसी हस्तक्षेप के कार्य कर सके। सुगम व्यवसाय व सुशासन को बढावा दिया जाएगा ताकि उन्हें समान अवसर प्रदान हो पाए। सुगम व किफायती वित्त दिया जाएगा ताकि बेहतर तरीके से काम हो सके साथ ही समान व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जाएंगे। सहकार, सहकारी संरचना का सशक्तिकरण और उनकी भौगोलिक पहुँच का विस्तार किया जाएगा ताकि देश के हर हिस्से में इसकी पहुँच बन पाए।

जीवंतता को प्रोत्साहित करना

सहकारी व्यवसाय इकोसिस्टम के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। अंतराष्ट्रीय बाजारों में पहुँच की सुविधा दी जाएगी ताकि उत्पादों का निर्यात हो सके। इसके साथ ही सदस्यों की आय में वृद्धि की जाएगी।

सहकारी समितियों को भविष्य के लिये तैयार करना

इस स्तंभ में प्रभावशाली और पारदर्शी प्रबंधन के लिए प्रोद्योगिकी को अपनाने पर जोर दिया गया है। सहकारी सिद्धान्तों पर आधारित पेशेवर-प्रबंधित आर्थिक आयोग में रूपातंरित होने में सहयोग किया जाएगा।

समावेशिता को बढ़ावा देना और पहुँच का विस्तार करना

इस स्तंभ का उद्देश्य समावेशिता व सदस्य केंद्रीयता को बढ़ावा देना तथा सहकारी व्यवस्था के माध्यम से देश के सभी हिस्सों व जनता तक पहुँच बनाना है । विशेष रुप से महिलाओँ और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।

नए और उभरते क्षेत्रों में विस्तार करना

इस स्तंभ के द्वारा सहकारी समितियों के विस्तार को प्रोत्साहित किया जाएगा। सततता हेतु पर्यावरण अनुकूल और चक्रीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा

सहकारी विकास के लिए युवा पीढी को तैयार करना

ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्र के युवाओं को सहकारी उद्यमों में दीर्घकालिक करियर अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मानकीकृत, उच्च-कोटि, सहकार-केन्द्रित पाठ्यक्रम के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा और प्राधिकृत विषय वस्तु का निर्माण किया जाएगा। इस स्तंभ का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देना है। सहकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को अंशकालिक विषय विशेषज्ञ , उतकृष्ट शिक्षकों, अनुदेशकों, प्रशिक्षकों और अतिथि संकाय की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता में सुनिश्चित करना है। सहकारी समितियों के द्वारा उपयुक्त अभियर्थियों की नियुक्ति व भावी अभ्यर्थियों के लिए नौकरी ढूढंने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सुगम इकोसिस्टम विकसित करना।

इन 6 स्तंभो के माध्यम से नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति न केवल सहकारी समितियों को मजबूत बनाएगी साथ ही युवाओं व ग्रामीण महिलाओं का विकास भी करेगी। ये 6 स्तंभ सहकार से समृद्धि के मूलमंत्र को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

Diksha

Recent Post