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बच्चों में बढ़ रहा गर्दन और कमर दर्द

एम्स पटना और आईजीआईएमएस के ओपीडी आंकड़े बताते हैं कि बच्चों में गर्दन, पीठ, कंधे और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है

Digital Habits and Heavy Backpacks Trigger Growing Spine Problems in Children


Published: 12:06pm, 06 Aug 2026

एम्स पटना और आईजीआईएमएस के ओपीडी आंकड़े बताते हैं कि बच्चों में गर्दन, पीठ, कंधे और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल उपकरणों का अधिक उपयोग, गलत शारीरिक मुद्रा और भारी स्कूल बैग इसके प्रमुख कारण हैं।

मोबाइल या टैबलेट देखते समय लंबे समय तक गर्दन झुकाए रखने से “टेक्स्ट नेक सिंड्रोम” का खतरा बढ़ता है। इससे गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं, शरीर की क्षमता से अधिक भारी स्कूल बैग कंधों और कमर पर तनाव डालते हैं। मैदानी खेलों की कमी से मांसपेशियां कमजोर होती हैं, जबकि बिस्तर या सोफे पर गलत तरीके से बैठकर पढ़ने से रीढ़ का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है।

बच्चों में लगातार गर्दन या कंधे का दर्द, शरीर का आगे झुकना, हाथों में झुनझुनी, कमजोरी और गर्दन के पीछे से शुरू होने वाला सिरदर्द चेतावनी के संकेत हो सकते हैं।

बचाव के लिए स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें और हर 20 से 30 मिनट बाद स्ट्रेचिंग ब्रेक दें। स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। पढ़ाई के दौरान सीधी मुद्रा, स्टडी टेबल और सही कुर्सी का उपयोग जरूरी है। बच्चों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा आउटडोर खेल, योग और हल्की स्ट्रेचिंग के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

Jitendra