राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनश शाह ने मगध मिल्क यूनियन के नव-निर्वाचित निदेशक मंडल के सदस्यों के साथ एनडीडीबी, आणंद में आयोजित तीन दिवसीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान संवाद किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के अंतर्गत आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. शाह ने मिल्क यूनियन को सशक्त बनाने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने दुग्ध उत्पादक आधार के विस्तार, सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा गांव स्तर की दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत कर दुग्ध संकलन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने चारा आधारित किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक साइलेज निर्माण के माध्यम से चारे की कमी दूर करने तथा पशु उत्पादकता बढ़ाने हेतु एनडीडीबी की तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया।
डॉ. शाह ने एनडीडीबी की सहायक कंपनी एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के साथ समन्वय कर घरेलू स्तर पर बायोगैस संयंत्रों को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया। उन्होंने सतत कृषि प्रबंधन पद्धतियों पर प्रदर्शन इकाइयाँ स्थापित करने की बात कही, जिनमें गोबर प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग और जलवायु-सहिष्णु डेयरी खेती शामिल हैं। उनका कहना था कि इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और डेयरी क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने निदेशक मंडल द्वारा किसानों के लिए एनडीडीबी, आणंद में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट सहकारी मॉडल की बेहतर समझ विकसित करेंगे, किसानों की भागीदारी को प्रेरित करेंगे और डेयरी सहकारी समितियों के दीर्घकालिक विकास एवं स्थिरता को मजबूती देंगे।
कार्यक्रम में निदेशक मंडल की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और नैतिकता, राष्ट्रीय एवं वैश्विक डेयरी परिदृश्य, व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0, NPDD ढांचा, मिल्क यूनियनों के प्रदर्शन आकलन, एथ्नो-वेटरनरी मेडिसिन(EVM) तथा सहकारिता आधारित डेयरी जैसे विषयों पर संरचित एवं संवादात्मक सत्र शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागी अमूल की इकाइयों, मुजकुवा डेयरी सहकारी समिति (DCS), फ्लेक्सी बायोगैस प्लांट, गोचर भूमि चारा विकास पहलों, इंडियन डेयरी मशीनरी लिमिटेड तथा एनडीडीबी की चारा एवं सतत कृषि प्रबंधन प्रदर्शन इकाइयों का भी भ्रमण करेंगे।


