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राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव, डिजिटल राशन कार्ड से मिलेगी अधिक पारदर्शिता

देशभर में लगभग 80 करोड़ से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े हैं

Published: 15:56pm, 27 Feb 2026

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी तथा तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के अंतर्गत मिलने वाला खाद्य सब्सिडी का लाभ सीधे डिजिटल माध्यम से देने की तैयारी की जा रही है।

इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन सही लाभार्थियों तक बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचे। सरकार राशन कार्ड प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

अब नकद सब्सिडी की जगह डिजिटल राशन

नई व्यवस्था के तहत सब्सिडी को नकद राशि के रूप में नहीं, बल्कि डिजिटल राशन कार्ड के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार निर्धारित सब्सिडी राशि सीधे ई-वॉलेट के रूप में ट्रांसफर करेगी, जिसका उपयोग लाभार्थी केवल राशन खरीदने के लिए कर सकेंगे। इससे सब्सिडी राशि के अन्य कार्यों में उपयोग पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी लाभ

योजना का एक उद्देश्य यह भी है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र परिवारों को समय पर और पूरा लाभ मिले।

सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल प्रणाली से भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और राशन की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही वितरण प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित बनेगी।

अन्य राज्यों में भी विस्तार

इस पहल को गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में भी लागू किया जा चुका है। आने वाले समय में इसे देश के अन्य हिस्सों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।

80 करोड़ से अधिक लोग होंगे लाभान्वित

देशभर में लगभग 80 करोड़ से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े हैं। सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सब्सिडी का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि ई-वॉलेट आधारित यह नई व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी सहायता का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और वितरण प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता मजबूत हो।

YuvaSahakar Desk