प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं नियोजनीयता सुधार कार्यक्रम यानी PM-SETU की चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत, विकास साझेदारों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।
बैठक में समिति ने PM-SETU को पायलट चरण से आगे बढ़ाते हुए देशभर के सभी 200 चिन्हित ITI क्लस्टरों में लागू करने की मंजूरी दी। इससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उद्योग की तैयारी और कार्यान्वयन क्षमता के आधार पर योजना लागू करने में सुविधा मिलेगी। समिति ने कार्यान्वयन प्रक्रिया को सरल बनाने, उद्योग की भागीदारी बढ़ाने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका मजबूत करने और संस्थागत तंत्र का विस्तार करने के उपायों को भी मंजूरी दी।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 1,237.58 करोड़ रुपये के संयुक्त परिव्यय वाली रणनीतिक निवेश योजनाओं की मंजूरी रहा। इसके तहत ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के कई ITI क्लस्टरों का उद्योग-नेतृत्व में उन्नयन किया जाएगा।
ओडिशा में गवर्नमेंट ITI बारबिल को मुख्य केंद्र बनाते हुए क्लस्टर को मंजूरी दी गई है। इसमें जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड 240.21 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एंकर इंडस्ट्री पार्टनर होगी। गुजरात में गवर्नमेंट ITI सूरत को हब बनाकर क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिसमें आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया 240.18 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
तेलंगाना में तीन ITI क्लस्टरों को मंजूरी मिली है। इनमें अपोलो मेडस्किल्स, श्री सिद्धार्थ इंफ्राटेक एंड सर्विसेज और न्यूलैंड फाउंडेशन को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर चुना गया है। इन क्लस्टरों में क्रमशः 241.01 करोड़ रुपये, 275.24 करोड़ रुपये और 240.94 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं।
इस पहल से ITI संस्थानों में उद्योग आधारित प्रशिक्षण, बेहतर कौशल विकास और रोजगार योग्य मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।


