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भारत की आबादी 1.46 अरब के पार, 43% युवाओं के साथ 68% लोग कामकाजी

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार भारत अब दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है। भारत की जनसंख्या 1.46 अरब तक पहुंचने का अनुमान इस रिपोर्ट में लगाया गया है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि देश की लगभग 68 प्रतिशत आबादी कामकाजी उम्र (15 से 64 वर्ष) की है। इसके अलावा भारत की कुल जनसंख्या में 26 प्रतिशत लोग 10 से 24 वर्ष की आयु वर्ग के हैं और 17 प्रतिशत 0 से 14 वर्ष के बीच के हैं।

Published: 16:36pm, 11 Jun 2025

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार भारत अब दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है। भारत की जनसंख्या 1.46 अरब तक पहुंचने का अनुमान इस रिपोर्ट में लगाया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि भारत अब आबादी के मामले में चीन से आगे निकल गया है।

सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि देश की लगभग 68 प्रतिशत आबादी कामकाजी उम्र (15 से 64 वर्ष) की है। इसके अलावा भारत की कुल जनसंख्या में 26 प्रतिशत लोग 10 से 24 वर्ष की आयु वर्ग के हैं और 17 प्रतिशत 0 से 14 वर्ष के बीच के हैं। इस प्रकार भारत की लगभग 43 प्रतिशत जनसंख्या युवा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में प्रति महिला जन्म दर घटकर 1.9 रह गई है, जो पहले 2.1 हुआ करती थी। इस तथ्य से यह संकेत प्राप्त होते हैं कि भारत धीरे-धीरे स्थिर जनसंख्या की ओर बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों की औसत जीवन प्रत्याशा 71 वर्ष और महिलाओं की 74 वर्ष हो गई है। भारत की वर्तमान जनसंख्या 146.39 करोड़ आंकी गई है, जो आने वाले दशकों में बढ़कर लगभग 170 करोड़ तक पहुंचने के बाद धीरे-धीरे गिरावट की ओर बढ़ेगी। अनुमान है कि यह गिरावट लगभग 40 वर्षों के भीतर शुरू हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत को अब मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय महिलाओं की प्रजनन दर में भी लगातार गिरावट आई है। वर्ष 1970 में जहां प्रति महिला औसतन पांच बच्चे होते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग दो बच्चों तक पहुंच गई है। भारत ने प्रजनन दर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे जनसंख्या स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों में सुधार हुआ है।

YuvaSahakar Team