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भारतीय न्यायविद प्रो. बिमल पटेल बने ITLOS के न्यायाधीश

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) की स्थापना 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत की गई थी

Published: 12:27pm, 22 Jun 2026

भारत के प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. बिमल पटेल को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) का न्यायाधीश चुना गया है। यह चयन संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत हुए मतदान में किया गया, जिसमें सदस्य देशों ने उनके पक्ष में समर्थन दिया।

इस नियुक्ति को समुद्री कानून और बहुपक्षीय कूटनीति के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति का प्रमाण बताया है।

प्रो. पटेल वर्तमान में भारत की नेशनल डिफेंस यूनीवर्सिटी के कुलपति हैं और सार्वजनिक अंतरराष्ट्रीय विधि के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि आयोग के सदस्य और राज्य उत्तरदायित्व से जुड़े कार्य समूह के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय से भी जुड़े रहे हैं तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभा चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने इस चयन पर बधाई देते हुए कहा कि यह बहुपक्षवाद और समुद्री कानून के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मिशन ने सभी सदस्य देशों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और सभी उम्मीदवारों की सराहना की।

क्या है ITLOS?

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) की स्थापना 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत की गई थी। यह एक स्वतंत्र न्यायिक निकाय है, जो समुद्री कानून से जुड़े विवादों का समाधान करता है। इसमें 21 स्वतंत्र न्यायाधीश होते हैं, जिन्हें सदस्य देश गुप्त मतदान के माध्यम से चुनते हैं।

प्रो. बिमल पटेल की यह नियुक्ति भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय विधिक और समुद्री कूटनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

YuvaSahakar Desk