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भारत बन रहा दुनिया का सबसे आकर्षक उपभोक्ता बाजार, मॉर्गन स्टेनली ने भारत को बताया लो-रिस्क हाई-ग्रोथ इकॉनमी

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और टैरिफ जंग के बीच भारत लगातार दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। हाल ही में मॉर्गन स्टेनली द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और सबसे तेज़ी से उभरता उपभोक्ता बाजार बनने जा रहा है। रिपोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिरता, ऊर्जा संक्रमण और मजबूत घरेलू निवेश के कारण नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।

Published: 12:46pm, 19 Aug 2025

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और टैरिफ (Tariff) विवादों के बीच भारत (India) की अर्थव्यवस्था (Economy) अनवरत गति से बिना रुके आगे बढ़ रही है। अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की नई रिपोर्ट (Morgan Stanley Report) में कहा गया है कि भारत (New India) आने वाले वर्षों में दुनिया का सबसे तेजी से उभरता और पसंद किया जाने वाला उपभोक्ता बाजार (Consumer Market) बनने जा रहा है। यह रिपोर्ट भारत (India’s GDP Growth) की आर्थिक साख को और मजबूत करती है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत (India Economy) की विकास गाथा कई मोर्चों पर मजबूत हो रही है। देश में ऊर्जा परिवर्तन ( Energy Transition) तेजी से हो रहा है, जिसके चलते तेल पर निर्भरता (Oil Dependency) घट रही है और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसके साथ ही, सेवा क्षेत्र का निर्यात लगातार मजबूत हो रहा है और विनिर्माण (Manufacturing Sector) का योगदान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में अधिक होता जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले तीन वर्षों में राजकोषीय एकीकरण (Fiscal Consolidation) से सरकारी खर्चों में संतुलन आएगा और बचत का असंतुलन घटेगा। इससे असली ब्याज दरों पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी। नीतिगत स्तर पर भी भारत ने लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण अपनाया है, जिससे महंगाई में उतार-चढ़ाव कम हुआ है। यही वजह है कि आने वाले समय में ब्याज दरों और वृद्धि दर दोनों में स्थिरता देखने को मिल सकती है।

शेयर बाजार के लिए भी रिपोर्ट सकारात्मक संकेत देती है। इसमें कहा गया है कि मजबूत ग्रोथ, घटती ब्याज दरें और कम जोखिम निवेशकों को इक्विटी में अधिक निवेश के लिए आकर्षित करेंगी। फिलहाल घरेलू निवेशकों की ओर से लगातार खरीदारी दिखाई दे रही है और आगे भी उनकी हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि जैसे-जैसे शेयरों के दाम बॉन्ड और सोने की तुलना में आकर्षक लगेंगे, निवेशकों का झुकाव इक्विटी की ओर और बढ़ेगा।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की कमजोर कमाई का दौर अब पीछे छूट रहा है। नरम रुख वाला केंद्रीय बैंक आर्थिक सुधार को सहारा दे रहा है। आगे की दिशा में अमेरिका के साथ व्यापार समझौता, पूंजीगत निवेश में वृद्धि, कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार की मजबूती, बेहतर आर्थिक आंकड़े और चीन के साथ संतुलित व्यापार संबंध भारत की ग्रोथ को और बल प्रदान कर सकते हैं।

यह रिपोर्ट भारत की आर्थिक प्रगति को वैश्विक जीडीपी में बढ़ते हिस्से के रूप में देखती है, जहां बॉन्ड तथा सोने की तुलना में शेयरों के मूल्यांकन अभी आकर्षक हैं। सरकार की सतत विकास मॉडल, जैसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया तथा निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं, इन सकारात्मक परिवर्तनों का आधार हैं। इससे न केवल घरेलू बचत पैटर्न में बदलाव आएगा, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भारत एक प्रमुख गंतव्य बनेगा।

YuvaSahakar Desk