सहकारिता मंत्रालय ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय (METI) के साथ डेयरी स्थिरता और सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों पर द्विपक्षीय सहयोग आगे बढ़ाने के लिए चर्चा की। बैठक में डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से प्रस्तावित 1,000 कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने की योजना पर विशेष ध्यान दिया गया।
अटल अक्षय ऊर्जा भवन में हुई यह बैठक भारत और जापान के बीच 2 जुलाई 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद आयोजित की गई। भारतीय पक्ष से सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी, अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल, संयुक्त सचिव रमन कुमार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व METI के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री मसायोशी अराई ने किया। इसमें New Energy and Industrial Technology Development Organization (NEDO) तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
बैठक में जैविक अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, टिकाऊ डेयरी पद्धतियों और तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ। भारत का व्यापक डेयरी सहकारी नेटवर्क इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सहयोग के तहत जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से परियोजना विकास, टिकाऊ वित्तपोषण और तकनीकी सहयोग में सहायता की संभावनाएं भी तलाशने पर चर्चा हुई। पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


