केंद्र सरकार ने दो अधिकारियों को केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत सहकारिता मंत्रालय में निदेशक नियुक्त किया है। इनमें बिहार कैडर के 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी थियागराजन एस.एम. और 2011 बैच के भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी शामिल हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने अक्टूबर 2026 में दोनों अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, थियागराजन का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।
प्रवीण कुमार तिवारी की नियुक्ति के संबंध में डीओपीटी ने 15 अक्टूबर 2026 को कार्यालय ज्ञापन जारी किया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उनके नाम की सिफारिश रेल मंत्रालय ने की थी। उनका संयुक्त प्रतिनियुक्ति कार्यकाल पांच वर्ष का होगा, जो 29 जनवरी 2029 तक निर्धारित है।
तिवारी के इस कार्यकाल में एक्स-कैडर और केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत की गई प्रतिनियुक्ति, दोनों की अवधि शामिल रहेगी। इस प्रकार, उनके लिए निर्धारित पांच वर्ष की अवधि को नई नियुक्ति की तारीख से शुरू होने वाला अलग कार्यकाल नहीं माना गया है।
संबंधित अधिकारियों को दोनों अफसरों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे दिल्ली स्थित सहकारिता मंत्रालय में अपने नए पदों का कार्यभार जल्द से जल्द संभाल सकें।
ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब सहकारिता मंत्रालय सहकारी क्षेत्र में सुधारों और सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभा रहा है।


