राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने 14 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक (APRB) और अरुणाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक (APSCAB) के अधिकारियों के लिए ऋण मूल्यांकन और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की।
यह कार्यशाला APSCAB के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई। इसका उद्देश्य बैंक अधिकारियों की ऋण स्वीकृति, ऋण निगरानी, नियामकीय अनुपालन, परिसंपत्ति वर्गीकरण और वसूली संबंधी प्रक्रियाओं की समझ को मजबूत करना था।
NABARD के महाप्रबंधक एस.वी. रंगा राव ने कहा कि बैंकिंग पोर्टफोलियो की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ठोस क्रेडिट असेसमेंट, प्रभावी ऋण निगरानी और समय पर वसूली अत्यंत महत्वपूर्ण है।
APSCAB के प्रबंध निदेशक बिट्टू क्री ने मुख्य संबोधन में कहा कि ऋण जोखिम कम करने के लिए उधारकर्ताओं का व्यवस्थित मूल्यांकन और विवेकपूर्ण ऋण वितरण जरूरी है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में NABARD, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें क्रेडिट अप्रेजल, प्रूडेंशियल नॉर्म्स, आय की पहचान, प्रोविजनिंग, पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) और एनपीए वसूली जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
APSCAB के महाप्रबंधक ताबा ओया ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यशाला को ग्रामीण और सहकारी बैंकिंग संस्थानों में बेहतर जोखिम प्रबंधन और मजबूत ऋण अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


