यूरोपीय चैंपियन स्पेन के पास गोलरक्षक उनई साइमन के रूप में ऐसी अभेद दीवार है, जिसे फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 में उसके अब तक के शुरू के पांच मैचों में कोई भी टीम तोड़ नहीं पाई है। बेल्जियम का असल इम्तिहान स्पेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में लॉस एंजेल्स में शुक्रवार को होगा। बेल्जियम को जीतना है तो उसे स्पेन के गोलरक्षक उनई साइमन के रूप में उसकी मजबूत दीवार को लांघना होगा। स्पेन ने अब तक जीवट से खेल कर दिखाया है कि जीतने के लिए गोल करने से कहीं ज्यादा जरूरी है अपने किले की मजबूत चौकसी। साथ ही स्पेन के कोच लुइस डे ला फ्युंटे ने बेंच पर बाहर बैठे का खिलाड़ियों का शतरंज की बिसात की तरह सही चाल चल कर जिस तरह इस्तेमाल किया है कोई भी प्रतिद्वंद्वी टीम अब तक उससे पार नहीं पा सकी हैं।
अब तक स्पेन ने मात्र एक बार 2010 में विश्व कप फुटबॉल खिताब जीता है जबकि बेल्जियम ने अब तक कभी खिताब नहीं जीत पाया। ऐसे में बेल्जियम को यदि अब पहली बार विश्व कप खिताब जीतने की हसरत पूरी करने की ओर कदम बढ़ाने हैं तो उसके सामने इससे पहले क्वॉर्टर फाइनल में स्पेन के अभेद किले को भेद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने की चुनौती है। इस बार भी 2018 में रूस और 2022 में कतर में हुए फीफा विश्व कप की तरह सबसे ज्यादा छह यूरोपीय और मोरक्को के रूप में एक अफ्रीकी और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के रूप में एक लैटिन अमेरिकी टीम ही क्वॉर्टर फाइनल में पहुंची है। स्पेन की रक्षा पंक्ति को अब तक इस विश्व कप में यह भरोसा रहा है कि उनसे गेंद छीन भी गई तो किले की चौकसी के लिए पीछे बतौर गोलरक्षक उनई साइमन के रूप में मजबूत दीवार है।
वहीं बेल्जियम ने यूरी टिलमैन की कप्तानी में शानदार अंदाज में क्वॉर्टर फाइनल का सफर तय किया है। बेल्जियम ने दो गोल से पिछड़ने के बाद चार्ल्स डी चार्ल्स डी केटालारी के के दो गोल से सेनेगल पर जीत दर्ज कर बताया कि उसे पलटवार कर गोल करना आता है।
बेल्जियम के पास आक्रामक मिडफील्डर केविन डी ब्रुएन के रूप में चतुर मिडफील्डर है जो कि आगे साथी स्ट्राइकर के लिए गेंद बढ़ाने के साथ खुद भी गोल करना जानते हैं। बेल्जियम अपने पूल जी में मात्र एक जीत और दो ड्रॉ के साथ पांच अंकों के साथ शीर्ष पर रही थी। बेल्जियम ने अंतिम 32 में सेनेगल को 3-2 से तथा अंतिम 16 में मेजबान अमेरिका को 4-1 से जीत दर्ज की। बेल्जियम ने पांच मैचों में कुल 13 गोल किए और पांच गोल खाए । बेल्जियम के लिए रोमालू लोकाकू ने तीन, चार्ल्स डी केटालियरे और हांस वनाकेन ने दो -दो तथा अलेक्सिस सलेमाइकर्स , मिडफील्डर केविन डी ब्रियून , निकोलस रस्किन ने एक एक गोल किया है। बेल्जियम को जीतना है तो उसके मिडफील्डर ब्रेंडन मिचेल और केविन डी ब्रियून को बराबर आगे अपने लोकाकू और वनाकेन के लिए आगे गेंद बढ़ानी होगी। बावजूद इसके बड़ा सवाल यह रहेगा कि क्या बेल्जियम के लोकाकू और वनाकेन गोलरक्षक उनई साइमन के रूप में मौजूदा स्पेन की मजबूत दीवार को तोड़ने वाले मौजूदा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले स्ट्राइकर बनने में कामयाब होंगे।
स्पेन ने भले ही अब तक आक्रामक फुटबॉल नहीं खेली हैं लेकिन उन्होंने गेंद को अपने कब्जे में रख बहुत ही चौकस होकर उसी अंदाज की फुटबॉल खेली है जिसने की उसे 2010 में दक्षिण अफ्रीका में पहली और आखिरी बार विश्व कप जिताया था। स्पेन की टीम ग्रुप जी में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ सात अंकों के साथ पहले स्थान पर रही। स्पेन ने अंतिम 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से और अंतिम 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि स्पेन ने अंतिम आठ तक का सफर बिना कोई गोल खाए पूरा किया। स्पेन ने पांच मैचों में 9 गोल किए हैं। स्पेन मौजूदा विश्व कप में जब खेलने उतरा तो सबसे ज्यादा चर्चे नौजवान स्ट्राइकर लमाइन यमाल के थे वे भले ही अब तक भले एक ही गोल कर पाए हैं लेकिन उन्होंने आक्रामक मिडफील्डर पैड्री के साथ मिल कर साथी स्ट्राइकर माइकल ओयराजबल, डानी आल्मो और अलेक्स बायना के लिए गोल के बेहतरीन मौके बनाए है। इसी का नतीजा है कि स्पेन के लिए उसके स्ट्राइकर माइकल ओयराजबल ने चार तथा खुद यमाल ने अलेक्स बायना, माइकल मेरिनो और पेड्रो पोरो के साथ मिल कर अब तक एक एक गोल किया है। अब तक अजेय स्पेन को जीत का सिलसिला आगे बढ़ाना है तो उसके सबसे चतुर मिडफील्डर पैड्री को बराबर आगे अपने स्ट्राइकरों के लिए गेंद बढ़ा कर उनके लिए गोल के मौके बनाने होंगे।
हमारे बदलू खिलाड़ी असरदार रहे हैं: फ्युंटे
स्पेन के कोच लुइस डे ला फ्युंटे ने अपनी टीम की पुर्तगाल पर जीत के साथ क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने पर कहा, ‘अहम खिलाड़ी वे होते हैं तो बाहर बेंच से बदलू खिलाड़ियों के रूप में मैदान पर उतरते हैं। मैंने बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने वाले माइकल मेरिनो से कहा वह उसी तरह खेले जिस तरह वह खेलते हैं। मेरिनो की भूमिका मिडफील्डरों और फॉरवर्डों की मदद करने की है। मेरिनो को उतार हमने अपनी टीम को जरूरी उर्जा और लय देने की कोशिश की थी। बेंच से मैदान पर बदलू खिलाड़ी के रूप में उतरने वाले खिलाड़ी असरदार रहे। हम ऐसा इसलिए कर पाए क्येंकि हमारे पास 26 उत्कृष्ट फुटबॉलर हैं।’
क्वॉर्टर फाइनल में पहुंच संतोष नहीं कर सकते: पैड्री
स्पेन के मिडफील्डर पैड्री ने कहा,‘ हम जानते थे कि पुर्तगाल मजबूती से अपने किले की चौकसी करेगी। दोनों ही टीमें बराबरी की थीं। दोनों ही टीमों का ध्यान गेंद को अपने कब्जे में रखने पर था। मेरा मानना है कि हमने अच्छी फुटबॉल खेली। आखिर में हमने अपने मौके को भुना कर मैच जीत लिया। हम अपनी जीत से जरूर खुश हैं। हम क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने से ही संतोष नहीं कर सकते। ‘
बेल्जियम एक महान फुटबॉल राष्ट्र: गार्शिया
बेल्जियम के कोच रुडी गार्शिया ने कहा,‘ जिस किसे ने आधी रात को जाग कर हमारा मैच देख हमारा समर्थन किया, उन सभी का दिल से आभार। हमारे सभी समर्थक बेशक हमारी जीत और हमारे खिलाड़ियों पर गर्व करेंगे। हमने दिखाया कि बेल्जियम एक महान फुटबॉल राष्ट्र है।’
क्वार्टर फाइनल: बेल्जियम बनाम स्पेन (भारतीय समयानुसार शनिवार तड़के 3 बजे से )।