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पद्मश्री से सम्मानित हुए सहकारी नेता डॉ. प्रभाकर कोरे

डॉ. कोरे की सहकारी बैंकिंग और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलें भी व्यापक प्रभाव छोड़ चुकी हैं

Published: 13:01pm, 24 Jun 2026

वरिष्ठ शिक्षाविद्, कृषिविद् और सहकारिता क्षेत्र के प्रख्यात नेता डॉ. प्रभाकर बसप्रभु कोरे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें शिक्षा, ग्रामीण विकास और सहकारिता आंदोलन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

कर्नाटक स्थित प्रभाकर कोरे मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी के संस्थापक डॉ. कोरे ने ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन और किसानों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2011 में उन्होंने बेलगावी जिले के मट्टिकोप्प में आईसीएआर-केएलई कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की, जो आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार और किसानों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

डॉ. कोरे ने वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने और युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के उद्देश्य से केएलई स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की भी स्थापना की। सहकारिता क्षेत्र में उनके योगदान के तहत उन्होंने चिकोडी स्थित चिदानंद बसप्रभु कोरे सहकारी चीनी मिल के माध्यम से किसानों की आजीविका को मजबूत किया तथा राष्ट्रीय सहकारी नीति निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

डॉ. कोरे की सहकारी बैंकिंग और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलें भी व्यापक प्रभाव छोड़ चुकी हैं। उनके जीवनभर के योगदान को देखते हुए पद्मश्री सम्मान को शिक्षा, ग्रामीण विकास और सहकारिता आंदोलन के प्रति उनकी समर्पित सेवा का सम्मान माना जा रहा है।

YuvaSahakar Desk