Trending News

2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन 2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन

UP के किसानों को सस्ती दरों पर मिलेगा लोन, सहकारी संस्थाओं में IBPS से होगी भर्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्होंने सहकारिता को आत्मनिर्भर किसान का आधार बताते हुए सहकारी बैंकों की ऋण वितरण क्षमता, भंडारण व्यवस्था, तकनीकी सशक्तिकरण और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर बल दिया।

Published: 12:40pm, 20 May 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता को आत्मनिर्भर किसान का आधार बताते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ इस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने योजना की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश सहकारिता विभाग को दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि सहकारिता आधारित यह योजना किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ऋण की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी पहल होगी। उन्होंने सहकारी बैंकों की ऋण वितरण क्षमता बढ़ाने, शाखाओं के आधुनिकीकरण तथा नाबार्ड की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में सहकारी बैंकों का ऋण वितरण ₹9,190 करोड़ था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर ₹23,061 करोड़ तक पहुंच गया है। इसी अवधि में जिला सहकारी बैंकों का कुल व्यवसाय ₹41,234 करोड़ तथा शुद्ध लाभ ₹162 करोड़ दर्ज किया गया है। यह राज्य सरकार की किसानोन्मुखी नीति की सफलता का प्रमाण है।

भंडारण व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने एआईएफ और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हो रहे गोदाम निर्माण कार्य की प्रगति की सराहना की। उन्होंने 100 नए गोदामों के निर्माण तथा 16 जनपदों में 500 से 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 24 गोदामों की तैयारी की समीक्षा की। साथ ही निजी निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु उपयुक्त नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए।

राज्य की 5,000 से अधिक एम-पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण तेज गति से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 1,539, द्वितीय में 1,523 तथा तृतीय चरण में 2,624 समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इन समितियों को पीडीएस, जनऔषधि केंद्र, सीएससी और एमएसपी केंद्रों से जोड़ा जा रहा है जिससे किसानों को बहुआयामी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने सहकारी संस्थाओं में रिक्त पदों की भर्ती आईबीपीएस के माध्यम से शीघ्र कराने, तकनीकी सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर भी बल दिया। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक एवं 50 जिला सहकारी बैंकों को नाबार्ड के सीबीएस क्लाउड से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में उत्तर प्रदेश तेज गति से अग्रसर है। सहकारी नीति में निरंतर सुधार करते हुए प्रदेश को सहकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा।

YuvaSahakar Desk

Recent Post