Trending News

2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन 2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, इससे पिछले साल 7.1% की दर से बढ़ी थी, अगले साल 6.6% रह सकती है GDP ग्रोथ रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी, रेपो रेट में नहीं किया बदलाव पीएम मोदी ने सूरत में 18,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया पीएचडी थीसिस में एआई और नकल पर यूजीसी की सख्ती, 40% से अधिक प्लेजरिज्म पर रद्द हो सकता है पंजीकरण फिल्म प्रोड्यूसर और पूर्व CBFC चेयरमैन पहलाज निहलानी का निधन

उपभोक्ताओं के हित में CCPA बड़ा निर्णय: सेवा शुल्क वापस न करने पर दिल्ली के 5 रेस्तरां को नोटिस

यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के 28 मार्च 2025 के आदेश की अनदेखी के चलते उठाया गया है, जिसमें अनिवार्य सेवा शुल्क पर प्रतिबंध को बरकरार रखा गया था। अब इन प्रतिष्ठानों से सेवा शुल्क की वसूली उपभोक्ताओं को लौटाने की मांग की गई है।

Published: 10:26am, 01 May 2025

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने दिल्ली के पांच रेस्तरां—मखना डेली, जीरो कोर्टयार्ड, कैसल बारबेक्यू, चायोस और फिएस्टा बाय बारबेक्यू नेशन—के खिलाफ अनिवार्य सेवा शुल्क वापस न करने की शिकायतों पर कार्रवाई की है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर CCPA ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत इन रेस्तरां को नोटिस जारी किया।

CCPA ने बताया कि ये रेस्तरां दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च, 2025 के फैसले का पालन करने में विफल रहे, जिसमें अनिवार्य सेवा शुल्क पर प्रतिबंध लगाने वाले दिशा-निर्देशों को बरकरार रखा गया था। प्राधिकरण ने इन प्रतिष्ठानों से प्रभावित उपभोक्ताओं को वसूले गए सेवा शुल्क की राशि वापस करने की मांग की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सेवा शुल्क का भुगतान उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर है, न कि बाध्यता।”

CCPA ने 4 जुलाई, 2022 को जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया कि खाद्य बिल में सेवा शुल्क अपने आप नहीं जोड़ा जा सकता, यह स्वैच्छिक होगा, और इसे अन्य नामों से वसूलना या इसके आधार पर सेवा से इनकार करना गैरकानूनी है। जीएसटी की गणना भी सेवा शुल्क सहित बढ़ी हुई राशि पर नहीं होनी चाहिए। यह कदम उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

YuvaSahakar Desk

Recent Post