Trending News

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 20 जुलाई तक जारी कर सकती है NEET UG री-एग्जाम का रिजल्ट देश में विधानसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव 30 जुलाई को, बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव विदेश सचिव विक्रम मिसरी का कार्यकाल 14 जुलाई 2027 तक और CBDT अध्यक्ष रवि अग्रवाल का कार्यकाल 6 माह बढ़ा अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार सोनीपत में खुला मारुति सुजुकी का स्मार्ट प्लांट, PM मोदी ने किया उद्घाटन, 21 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार NEET-JEE एडमिशन में 12वीं बोर्ड के अंकों को मिल सकता है 50% वेटेज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 20 जुलाई तक जारी कर सकती है NEET UG री-एग्जाम का रिजल्ट देश में विधानसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव 30 जुलाई को, बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव विदेश सचिव विक्रम मिसरी का कार्यकाल 14 जुलाई 2027 तक और CBDT अध्यक्ष रवि अग्रवाल का कार्यकाल 6 माह बढ़ा अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार सोनीपत में खुला मारुति सुजुकी का स्मार्ट प्लांट, PM मोदी ने किया उद्घाटन, 21 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार NEET-JEE एडमिशन में 12वीं बोर्ड के अंकों को मिल सकता है 50% वेटेज

NEET-JEE एडमिशन में बोर्ड परीक्षा के अंकों को मिल सकता है 50% वेटेज

फिलहाल मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला पूरी तरह NEET और JEE के स्कोर के आधार पर होता है

Published: 14:26pm, 03 Jul 2026

मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार NEET और JEE जैसी प्रवेश परीक्षाओं के साथ 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को भी 50 प्रतिशत तक वेटेज देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों पर किसी एक परीक्षा के अत्यधिक दबाव को कम करना और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक संतुलित बनाना है। फिलहाल मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला पूरी तरह NEET और JEE के स्कोर के आधार पर होता है, जबकि बोर्ड परीक्षा में केवल निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना पात्रता की शर्त है।

शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित नौ सदस्यीय समिति कई महत्वपूर्ण सुधारों पर विचार कर रही है। इनमें प्रवेश प्रक्रिया में बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देना, प्रवेश परीक्षाओं के सिलेबस को स्कूल के पाठ्यक्रम के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना, छात्रों की कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करना, वर्ष में एक से अधिक बार परीक्षा आयोजित करना और भविष्य में कंप्यूटर आधारित ऑन-डिमांड एवं एडैप्टिव टेस्टिंग प्रणाली लागू करना शामिल है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब हाल के वर्षों में प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठे हैं। पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य अनियमितताओं ने मौजूदा व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है। ऐसे में सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और छात्र-हितैषी बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय की यह समिति पिछले वर्ष गठित की गई थी। इसका उद्देश्य छात्रों की कोचिंग संस्थानों पर बढ़ती निर्भरता, ‘डमी स्कूलों’ के बढ़ते चलन और उच्च प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता का अध्ययन करना है। समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट अगले कुछ हफ्तों में सरकार को सौंप सकती है।

हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देने का फैसला फिलहाल विचाराधीन है और अंतिम निर्णय समिति की सिफारिशों तथा सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

YuvaSahakar Desk