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CM नीतीश कुमार ने किया 5 नए मछली बाजारों का उद्घाटन, मत्स्य व्यवसाय को मिलेगा नया आयाम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मत्स्य व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पटना में आधुनिक फिश मार्केट सहित 11 जिलों में ढांचागत सुविधाओं का विकास होगा। इन योजनाओं से हजारों मछली पालकों को सीधा लाभ मिलेगा।

Published: 10:46am, 30 Sep 2025

बिहार सरकार राज्य में मत्स्य संसाधन और मछली पालन को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं से मत्स्य व्यवसाय को नई ऊर्जा मिलेगी और हजारों मछली पालकों एवं व्यापारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

मछली बाजारों का उद्घाटन और शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के किशनगंज, बांका और पूर्णिया जिलों में पंचायत व प्रखंड स्तर पर बनाए गए कुल 5 नए मछली बाजारों का उद्घाटन किया। इनकी लागत लगभग 1.06 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा राज्य के 11 जिलों में 44.46 करोड़ रुपये की लागत से नए बाजारों और ढांचागत सुविधाओं के निर्माण का शिलान्यास किया गया। यह पहल न केवल व्यापार को गति देगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।

पटना को मिला आधुनिक फिश मार्केट

इस अवसर पर सबसे बड़ी घोषणा राजधानी पटना जिले के फुलवारीशरीफ में आधुनिक मत्स्य बाजार के शिलान्यास की रही। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बनने वाले इस बाजार पर 18.85 करोड़ रुपये (1885.60 लाख रुपये) खर्च किए जाएंगे। यह बाजार अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसमें कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट, साफ-सफाई की सुदृढ़ व्यवस्था और उपभोक्ताओं के लिए विशेष बिक्री प्लेटफॉर्म शामिल रहेंगे। इस बाजार से न केवल स्थानीय मछली उत्पादकों को लाभ होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उचित दाम पर ताजी मछली मिलेगी।

मछली पालकों को होंगे ये बड़े फायदे

  • अब किसानों को मछली बेचने के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। पंचायत स्तर पर बाजार की उपलब्धता से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

  • पास में बाजार होने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा।

  • स्थानीय मत्स्य सहकारी समितियों और मछली पालक समूहों को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

  • कोल्ड स्टोरेज की सुविधा से मछली को लंबे समय तक संरक्षित करना संभव होगा, जिससे नुकसान की संभावना घटेगी।

  • स्वच्छ और आधुनिक बाजार प्रणाली से उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की मछली उपलब्ध होगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।

ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का रास्ता

ये नई योजनाएं ग्रामीण युवाओं को मत्स्य पालन की ओर आकर्षित करेंगी। अब बाजार और आधारभूत ढांचे की कमी उनके सामने बाधा नहीं बनेगी। गांवों में ही रोजगार उपलब्ध होने से पलायन में भी कमी आएगी। ट्रांसपोर्ट, आइस सप्लाई, प्रोसेसिंग व रिटेलिंग से जुड़े छोटे कारोबारों में भी रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

सरकार का लक्ष्य: आत्मनिर्भर मछली किसान

CM नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य मछली पालकों को और अधिक आत्मनिर्भर व सक्षम बनाना है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पहले से ही चारा, बीज, प्रशिक्षण और सब्सिडी की सुविधा किसानों को प्रदान कर रहा है। अब जब विपणन के लिए मजबूत ढांचा भी तैयार किया गया है, तो उत्पादन से लेकर बिक्री तक मछली पालकों को एकीकृत समाधान मिलेगा।

YuvaSahakar Desk