‘डॉक्टर’ शब्द सुनते ही अक्सर सफेद कोट पहने एमबीबीएस डॉक्टर की तस्वीर सामने आती है। हर साल NEET परीक्षा में लाखों छात्र सिर्फ MBBS सीट पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि मेडिकल फील्ड सिर्फ MBBS तक सीमित नहीं है। अगर किसी कारणवश MBBS में एडमिशन नहीं मिल पाता, तो निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हेल्थकेयर सेक्टर में कई और भी शानदार करियर विकल्प मौजूद हैं।
डेंटिस्ट से लेकर आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और वेटरनरी साइंस तक इन सभी क्षेत्रों में न सिर्फ सम्मान है, बल्कि अच्छी कमाई और करियर ग्रोथ भी मिलती है।
MBBS के बिना कैसे बनें डॉक्टर?
MBBS कोर्स में दाखिले के लिए NEET में उच्च रैंक जरूरी होता है, लेकिन कम रैंक आने पर भी मेडिकल फील्ड में डॉक्टर बनने के कई रास्ते खुले रहते हैं।
1. BDS – डेंटल डॉक्टर
बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) करने के बाद आप डेंटिस्ट बन सकते हैं। आज के समय में डेंटल केयर और कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री (स्माइल डिजाइनिंग) की मांग तेजी से बढ़ रही है। शुरुआती तौर पर सेैलरी 3 लाख से 5 लाख रुपये सालाना तक। निजी क्लिनिक खोलने पर कमाई की कोई सीमा नहीं होती।
2. BAMS – आयुर्वेदिक डॉक्टर
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) करने वाले डॉक्टर आयुष (AYUSH) सिस्टम के तहत काम करते हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की मांग भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी बढ़ रही है। शुरुआती आय 3.5 लाख से 6 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है, अनुभव के साथ यह बढ़ती जाती है।
3. BHMS – होम्योपैथिक डॉक्टर
बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) के जरिए होम्योपैथिक डॉक्टर बना जा सकता है। लाइफस्टाइल बीमारियों के बढ़ने से इस क्षेत्र में संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। शुरुआती कमाई 2.5 लाख से 4.5 लाख रुपये सालाना तक। निजी प्रैक्टिस में बेहतर आय संभव है।
4. BVSc & AH – वेटरनरी डॉक्टर
यह कोर्स पशुओं के इलाज के लिए होता है। डेयरी, पोल्ट्री, पेट क्लिनिक और जू जैसे क्षेत्रों में वेटरनरी डॉक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है। शुरुआत में 4 लाख से 7 लाख रुपये सालाना तक, खासकर बड़े शहरों में बेहतर अवसर मिलते हैं।
5. BUMS – यूनानी डॉक्टर
बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS) के जरिए यूनानी चिकित्सा पद्धति में करियर बनाया जा सकता है। भारत और कई विदेशी देशों में इसकी मांग बनी हुई है। शुरुआती पैकेज 2.5 लाख से 4 लाख रुपये सालाना तक, अनुभव के साथ आय में वृद्धि होती है।


