39 बरस के सदाबहार स्ट्राइकर लियोनल मैसी के दो बेहतरीन पास पर एंजो फर्नांडेज और बदलू स्ट्राइकर लाउटारो मार्टिनेज के एक एक गोल से 85 मिनट तक पिछड़ने के बाद गजब के जीवट से एक बार फिर चमत्कारिक वापसी करते हुए मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड पर फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के सेमीफाइनल में 2-1 से यादगार जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के दूसरे हाफ के दसवें मिनट में दागे गोल से बढ़त ली लेकिन अर्जेंटीना ने दिखाया कि उसे हारी बाजी बाजी को पलट कर जीतना खूब आता है। पिछड़ने के बाद लियोनल मैसी की अगुआई में खासतौर पर अर्जेंटीना के लहरों की तरह हमलों के सामने इंग्लैंड का किला ऐसा बिखरा कि इंजुरी टाइम सहित आखिरी सात मिनट में दो गोल खाकर सेमीफाइनल हार कर बाहर हो गई।
अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ प्री क्वॉर्टर फाइनल में भी पिछड़ने के बाद भी ऐसी ही शानदार वापसी की थी। तीन बार की और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना अब खिताब बरकरार रखने से बस एक कदम दूर है। अर्जेंटीना के हाथों हार से इंग्लैंड की 60 बरस के बाद फिर विश्व कप फाइनल में स्थान बनाने की हसरत भी टूट गई। अर्जेंटीना ने अब तक छह विश्व कप के सेमीफाइनल में स्थान बना सभी में गजब की वापसी कर जीत हासिल की है। अर्जेंटीना के मौजूदा विश्व कप के फाइनल में पहुंचने के सफर का सबब उसकी आखिर तक हार न मान कर हार के जबड़े से जीत छीन लाने की क्षमता है।
अर्जेंटीना ने इस जीत के साथ 40 बरस पहले मैक्सिको सिटी में इंग्लैंड पर डिएगो माराडोना के हैंड ऑफ द गोल से क्वार्टर फाइनल की में 2 -1 की जीत कहानी को अटलांटा स्टेडियम में सेमीफाइनल में दोहराते हुए उसके खिलाफ जीत दर्ज कर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। दुनिया की फीफा रैंकिंग में नंबर 1 विश्व और मौजूदा दक्षिण अमेरिकी चैंपियन अर्जेंटीना और दुनिया की दूसरे नंबर की टीम यूरोपीय चैंपियन स्पेन रविवार को पहली बार विश्व कप फुटबाल में आमने सामने होंगी। अर्जेंटीना के कप्तान स्ट्राइकर लियोनल मैसी 39 बरस और 21 दिन में इंग्लैंड के खिलाफ बृहस्पतिवार को खेलने उतर विश्व कप के सेमीफाइनल मे खेलने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलर बन गए। मैसी ने जर्मनी के फ्रिटज वाल्टर और स्वीडन के गनर जर्न के संयुक्त रूप से 37 बरस 236 दिन में विश्व कप के सेमीफाइनल में खेलने उतरने वाले सबसे ज्यादा उम्र के फुटबॉलर का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अर्जेंटीना ने दूसरे हाफ के शुरू में एक गोल से पिछड़ने के बाद बराबरी पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। इंग्लैंड के डिफेंडर जॉन स्टोन ने गोलरक्षक जॉर्डन पिकफर्ड के साथ मिल कर अर्जेंटीना के हमलों को नाकाम कर उसे बराबरी हासिल करने से मैच खेल खत्म होने से पांच मिनट पहले तक रोके रखा। अर्जेंटीना का मैच के 72 वें मिनट में डिफेंडर नेहुल मोलिना की जगह गोंजालो मोंटिल और लिजांड्रो मार्टिनेज की जगह निकोलस ओटामेंडी और मैच के 81 वें मिनट में निकोलस टैगलियाफियाको की जगह लाउटरो मार्टिनेज को उतारना उसकी तुरुप चाल साबित हुआ।
मिडफील्डर डेकलन राइस ने मैच के 55वें मिनट गेंद साथी मिडफील्डर मॉर्गन रॉजर्स की ओर बढ़ाई और उनसे बाएं से तेजी से आते स्ट्राइकर एंथनी गॉडर्न ने गेंद संभाली और आगे बढ़ आए डिफेंडर नेहुल मोलिना को छकाने के तेज शॉट जमा अर्जेंटीना के गोलरक्षक इमिलियानो फर्नांडेज को मात देकर गोल कर इंग्लैंड का खाता खोला। अर्जेंटीना के स्ट्राइकर जियूलियानो साइमन ने गेंद को लेकर बॉक्स में घुसने की कोशिश लेकिन स्पेंस ने सही समय पर गेंद को अपने कब्जे में इंग्लैंड पर आया खतरा टाल दियाा। अर्जेंटीना ने बराबरी पाने की कोशिश में अपने हमले तेज दिए। अर्जेंटीना के बदलू खिलाड़ी निको गोंजालेज के हेडर को इंग्लैंड के गोलरक्षक पिकफर्ड ने रोका जबकि अलेक्सिज मैक एलिस्टर के हेडर पर गेंद गोल स्तंभ को टकरा कर लौट आई।
लियोनल मैसी द्वारा मैच के 85 वें मिनट में शॉर्ट कॉर्नर पर उछाली गेंद को बॉक्स के बाहर एंजो फर्नांडेज ने संभाल दनदनाता शॉट जमा जमा गोलरक्षक पिकफर्ड को छका गोल कर अर्जेंटीना को एक- एक की बराबरी दिला दी। इंजुरी टाइम के दूसरे मिनट में मैक एलिस्टर के शॉट पर गेंद गोलस्तंभ को टकराकर लौटी लेकिन मैसी ने इसे कब्जे में ले दाएं पैर से क्रॉस बदलू खिलाड़ी लाउटरो मार्टिनेज की ओर फेंक और उन्होंने इस दनदनाता शॉट जमा गोल कर अर्जेंटीना को 2-1 से कर दिया और उनका यह गोल विजयदाई साबित हुआ।और उनका यह गोल विजयदाई साबित हुआ।
हमारी यह टीम खास है : स्कोलनी
अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कालोनी ने कहा, ‘मेरे पास अपनी अर्जेंटीना टीम की इंग्लैंड पर सेमीफाइनल में जीत को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। यह हमारे देश और हमारे लिए लोगों के लिए यह बहुत खुशी की बात है। अभी कुछ ही दिन पहले मैंने कहा कि हमारी यह टीम मुझे बराबर चौंकाना बंद नहीं करती। सच कहूं, हम फाइनल जीतने की पुरजोर कोशिश करेंगे। हम फाइनल में जीत के लिए अपना सब कुछ झोंक देंगे बावजूद लोगों को यह समझाना मुश्किल है हमारी टीम के ये खिलाड़ी कितनी मेहनत कर रहे हैं। यह अतुलनीय है। हमारी टीम अनोखी है यह कोई बड़बोलापन नहीं बल्कि मेरे दिल से आती आवाज है। हमारी यह टीम खास है।’
हमारी टीम कभी भी कोशिश करना नहीं छोड़ती : मैसी
मैन ऑफ द मैच अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मैसी ने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप यह सेमीफाइनल हालांकि बस मैच मात्र था लेकिन हमने इसमें कुछ पलों को जिया। हमारी टीम कभी भी कोशिश करना नहीं छोड़ती। हम मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पूरे संकल्प से फुटबॉल खेलने उतरे थे। हमने इंग्लैंड का उसके हाफ में ही सीमित रख दर्शाया कि हम उससे निर्धारित समय में उससे सेमीफाइनल जीत सकते हैं।‘
हमारी टीम ने साबित किया है, वह दमदार है: लाउटरी मार्टिनेज
अर्जेंटीना के बदलू खिलाड़ी के रूप में उतर कर विजयदाई गोल दागने वाले लाउटरो मार्टिनेज ने कहा, ‘सच में, मैंने यह गोल करने का सपना संजोया था। मैंने अलेक्सिज ने कहा था में गोल करूंगा। मैंने बाहर बेंच पर बैठे फाकू मीना से भी कहा था कि मै मैदान पर उतर गोल कर अर्जेंटीना को जीत दिलाउंगा। मैं गोल करने में कामयाब रहा। एंजो ने भी गजब का गोल किया। मैं अब कह सकता हूं कि हमारी यह टीम लगातार यह साबित करती है वह कितनी दमदार है। इंग्लैंड की टीम आखिर में थक गई। इंग्लैंड ने 60 मिनट तक बहुत जोर लगाया। इसके बाद इंग्लैंड के पास कुछ ताकत नहीं बची थी। इससे हमें और धैर्य के साथ हमले बोलने का हौसला मिला। हम मैच के आखिर में दो गोल करने में कामयाब रहे और हम साढ़े तीन बरस अब फिर विश्व कप फुटबॉल फाइनल में खेलेंगे।‘
बढ़त लेने के बाद हम सुस्त पड़ गए : हैरी केन
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथो दिल तोड़ने वाली हार पर कहा, ‘हम हार से बेहद निराश है। हम इस सेमीफाइनल में जीत के बहुत करीब थे लेकिन गोल कर बढ़त लेने के बाद हम बहुत सुस्त पड़ गए और हमने अर्जेंटीना को गोल करने के कई मौके दे दिए। हम गेंद को आगे नहीं बढ़ा पाए और हमने अर्जेंटीना को बहुत क्रॉस लेने, अपने गोल पर शॉट जमाने के मौके दिए। गोल कर बढ़त लेने के बाद उसी तरह की शिद्दत से खेलना जारी नहीं रख पाए। अर्जेंटीना की टीम पर क्रॉस पर हमारे बॉक्स के बीच हेडर लगाने में कामयाब रही।‘
हम अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरा गोल करना चाहते थे: टचेल
इंग्लैंड के कोच टचेल ने कहा, ‘ बेशक हम सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ एक गोल करने के बाद हम दूसरा गोल करना चाहते थे लेकिन मुझे यह महसूस नहीं हुआ कि आक्रमण के लिए बदलू खिलाड़ी को उतारना मुनासिब होगा, हम अपने 4-4-2के संयोजन पर काबिज रहे ।बढ़त लेने के बाद हम ढीले और ढीले होते चले गए। हम न तो अर्जेंटीना से गेंद को छीन पाए और न ही गेंद को कब्जे में कर पाए। मेरा मानना है यह हमारी ढांचागत दिक्कत नहीं थी ,हमने कुछ नहीं बदला।


