मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कृषि विभाग और मंडी परिषद में चयनित 3572 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के 3446 अभ्यर्थी और मंडी परिषद में मंडी सचिव पद पर चयनित 126 युवा शामिल हैं।
नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही इन युवाओं के सामने सरकारी सेवा की नई जिम्मेदारी भी आ गई है। कृषि विभाग में नियुक्त प्राविधिक सहायकों की भूमिका किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण होगी। वहीं मंडी सचिवों से मंडियों की व्यवस्था बेहतर करने और किसानों को सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
छह महीने में एक लाख और नियुक्तियों का लक्ष्य
नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करना सरकार और भर्ती संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में राज्य सरकार ने 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने भर्ती आयोगों और बोर्डों से चयन प्रक्रिया की समय-सीमा और कम करने को भी कहा, ताकि अभ्यर्थियों को लंबे समय तक परिणाम और नियुक्ति का इंतजार न करना पड़े।
नियुक्ति सिर्फ नौकरी नहीं, किसानों की सेवा की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि सरकारी सेवा का अर्थ केवल पद और वेतन नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी भी है। खासकर कृषि और मंडी से जुड़े कर्मचारियों का सीधा संबंध किसानों से है।
उन्होंने मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों में साफ-सफाई, किसानों के बैठने की उचित व्यवस्था, सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उनका कहना था कि किसान जब अपनी उपज लेकर मंडी आए तो उसे किसी तरह की परेशानी न हो।
कृषि विभाग में नियुक्त युवाओं से भी किसानों की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई गई। नई तकनीक, बेहतर बीज, फसल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर किसानों तक पहुंचाने में इन कर्मचारियों की भूमिका अहम होगी।


