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हर गांव तक डेयरी, हर किसान को मुनाफा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में NDDB और MPCDF में हुआ बड़ा समझौता

मित शाह ने इस MoU को मध्य प्रदेश के हर गांव तक सहकारी डेयरी का विस्तार करने की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुबंध न केवल दूध उत्पादन को बढ़ाएगा, बल्कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य और मुनाफा भी सुनिश्चित करेगा।

भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मलेन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव


Published: 13:13pm, 14 Apr 2025

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 13 अप्रैल को आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी डेयरी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का आगाज किया। अमित शाह ने राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और मध्य प्रदेश सहकारी डेयरी फेडरेशन (MPCDF) के बीच एक महत्वपूर्ण MOU साइन होने की घोषणा की।

इस समझौते का उद्देश्य मध्य प्रदेश के हर गांव तक सहकारी डेयरी का विस्तार करना है और किसानों को दुग्ध उत्पादन का उचित लाभ दिलाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, और केन्द्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।

अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रतिदिन लगभग साढ़े पाँच करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है, जो कि देश के कुल उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत है। लेकिन इसमें से सहकारी डेयरियों की हिस्सेदारी महज 1 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने इस स्थिति को बदलने के लिए NDDB और MPCDF के बीच हुए MOU को एक “गेम चेंजर” करार दिया।

शाह ने स्पष्ट किया कि किसानों को अपना दूध खुले बाजार में बेचने पर शोषण का सामना करना पड़ता है, जबकि सहकारी मॉडल के जरिए उन्हें उचित मूल्य, समय पर भुगतान और अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि इस समझौते से 83 प्रतिशत गांवों में सहकारी डेयरी के विस्तार की संभावना बनेगी, क्योंकि फिलहाल सिर्फ 17 प्रतिशत गांवों में ही दूध कलेक्शन की व्यवस्था है।

अमित शह ने कहा, “शहरों में प्रतिदिन 1.2 करोड़ लीटर दूध की मांग है, लेकिन इसका मुनाफा किसानों तक नहीं पहुंच पाता। हमारा लक्ष्य है कि शुरुआत के पाँच वर्षों में कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियां स्थापित की जाएं।”

अमित शाह ने यह भी बताया कि इस प्रयास में केंद्र सरकार किसानों के साथ ‘चट्टान की तरह’ खड़ी है। उन्होंने MPCDF को नीति निर्माण, ब्रांडिंग और गुणवत्ता जांच का दायित्व निभाने को कहा, ताकि किसानों को हर सप्ताह समय पर भुगतान मिल सके। NDDB और MPCDF को शाह ने आक्रामक रणनीति अपनाने की सलाह दी, जिससे सहकारी डेयरी प्रणाली का तेजी से विस्तार हो सके।

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने MoU के साइन होने पर  भरोसा दिलाया कि अगर जरूरत पड़ी, तो राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) इस योजना को फाइनेंशियल सपोर्ट देने के लिए तैयार रहेगा। अमित शाह ने आगे कहा कि किसान को उसके दूध उत्पादन का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच का मजबूत नेटवर्क होगा।

अंत में उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और मध्य प्रदेश की राज्य सरकार, किसानों की भलाई के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह MOU केवल एक समझौता नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में एक नई डेयरी क्रांति की शुरुआत है।

YuvaSahakar Desk