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भारत के सभी आर्थिक आंकड़े होंगे एक ही प्लेटफॉर्म पर, सरकार तैयार करेगी दुनिया का पहला आधिकारिक आर्थिक लार्ज लैंग्वेज मॉडल

नई व्यवस्था के तहत सकल घरेलू उत्पाद (GDP), राष्ट्रीय आय, बचत, पूंजी निर्माण सहित प्रमुख आर्थिक संकेतकों से जुड़े आंकड़े एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होंगे

Published: 15:30pm, 29 Jun 2026

देश में आर्थिक आंकड़ों तक आसान और तेज पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय जल्द ही देश के विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों में बिखरे आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों को एक साझा डेटा प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रहा है। इस पहल के साथ भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन सकता है, जो अपने आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों के लिए समर्पित लार्ज लैंग्वेज मॉडल विकसित करेगा।

नई व्यवस्था के तहत सकल घरेलू उत्पाद (GDP), राष्ट्रीय आय, बचत, पूंजी निर्माण सहित प्रमुख आर्थिक संकेतकों से जुड़े आंकड़े एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होंगे। इससे नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और आम उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग वेबसाइटों, पीडीएफ और एक्सेल फाइलों में जानकारी खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा तक पहुंच आसान होने के साथ नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज होगी।

सूत्रों के अनुसार, चेन्नई की आईटी कंपनी बहवान साइबरटेक को राष्ट्रीय लेखा प्रभाग के लिए यह साझा डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले चरण में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर केंद्रीकृत डेटा रिपॉजिटरी बनाई जाएगी, जबकि अगले 18 महीनों में इसे भविष्य के एआई आधारित विश्लेषण और आधिकारिक लार्ज लैंग्वेज मॉडलके लिए तैयार किया जाएगा।

सांख्यिकी मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान में जीडीपी गणना के लिए आवश्यक आंकड़े अलग-अलग पीडीएफ और एक्सेल शीट में जारी किए जाते हैं। नए प्लेटफॉर्म से डेटा का एकीकरण, गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर होगी। साथ ही एआई आधारित विश्लेषण और रिपोर्टिंग के जरिए आर्थिक रुझानों की निगरानी, नीति निर्माण और प्रशासनिक दक्षता को नई गति मिलेगी।

YuvaSahakar Desk