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बिहार में देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय स्थापित, सशक्त होंगे राज्य के किसान

बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय स्थापित किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी यह इकाई किसानों को तकनीकी सेवाएं, मौसम आधारित सलाह, योजनाओं का लाभ और फसल संबंधी रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही यह पहल बिहार को कृषि डिजिटलीकरण में अग्रणी बनाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।

Published: 13:54pm, 18 Aug 2025

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल की है। राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद बिहार में देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय गठित किया गया है। यह कदम किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आधुनिक साधनों से जोड़ने की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।

किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म

कृषि रोडमैप के अंतर्गत बने इस निदेशालय का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराना, फसलों की उत्पादकता का सटीक अनुमान करना तथा एकीकृत कृषि डेटाबेस तैयार करना है।

डिजिटल कृषि निदेशालय के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाएगा, जिससे हर मौसम में फसल संबंधी सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे। यह आंकड़े नीति निर्माण और संसाधनों के कुशल वितरण में सहायक होंगे।

इसके साथ ही, यह निदेशालय आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली को और सुदृढ़ करेगा। वर्ष 2018 से बिहार सरकार किसानों को डीजल अनुदान और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचा रही है। वर्तमान में 2 करोड़ से अधिक रैयत एवं गैर रैयत किसान इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जो देश का सबसे बड़ा डिजिटल किसान रजिस्ट्रेशन है।

  • डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए प्रत्येक मौसम में सटीक आंकड़े जुटाए जाएंगे।

  • आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से अनुदान सीधे किसानों तक पहुंचेगा।

  • 2018 से अब तक 2 करोड़ से अधिक किसान इस सिस्टम में पंजीकृत हैं, जो देश का सबसे बड़ा डिजिटल किसान रजिस्ट्रेशन है।

आधुनिक तकनीक का समावेश

डिजिटल कृषि निदेशालय में किसानों को कई नवाचार आधारित सेवाएं मिलेंगी—

  • डिजिटल मृदा हेल्थ कार्ड

  • ड्रोन से पौधा संरक्षण

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फसल पूर्वानुमान और सलाह

  • मोबाइल ऐप एवं ई-गवर्नेंस टूल्स

इन नई तकनीकों से किसानों को समय पर मौसम की जानकारी, बाजार मूल्य, और आपदा की हालत में त्वरित सहायता मिल सकेगी।

सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार को न केवल कृषि डिजिटलीकरण में अग्रणी बनाएगी बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bihar) की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘‘डिजिटल कृषि निदेशालय’’ का सबसे बड़ा लाभ किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी जानकारी उपलब्ध होना है, जिससे नीति निर्माण और संसाधनों का सही वितरण सुनिश्चित होगा।

YuvaSahakar Desk