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महाराष्ट्र में जल्द आएगी नई सहकारिता नीति, डिजिटल और एआई आधारित बदलावों पर जोर

डिजिटलीकरण, एआई तकनीक और सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण से महाराष्ट्र बनाएगा सहकारिता क्षेत्र में नई पहचान

Published: 16:09pm, 28 Jul 2025

महाराष्ट्र सरकार अब अपनी खुद की नई सहकारिता नीति लाने जा रही है, जो केंद्र सरकार की हाल ही में घोषित नीति के अनुरूप होगी। इस नई नीति का मुख्य फोकस डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उत्पादकता बढ़ाने पर होगा।

सहकारिता विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह नीति खासतौर पर प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को आधुनिक बनाएगी। इसके तहत डिजिटल उपकरणों और एआई तकनीकों की मदद से सहकारी संस्थाओं की सेवाओं को और आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा।

नीति के तहत महाराष्ट्र सरकार ने कुछ अहम लक्ष्य भी तय किए हैं:

  • कृषि ऋण को दोगुना करना: 2029 तक सहकारी बैंकों से किसानों को दिए जाने वाले कृषि ऋण को 30,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपये किया जाएगा।
  • दूध उत्पादन में बढ़ोतरी: वर्तमान में रोजाना 60 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसे बढ़ाकर 1 करोड़ लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।
  • चीनी उत्पादन में एआई का उपयोग: महाराष्ट्र देश में चीनी उत्पादन में पहले से ही अग्रणी है। अब सरकार एआई तकनीक का इस्तेमाल करके गन्ने की उत्पादकता बढ़ाएगी और पानी की खपत कम करेगी।
  • शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत बनाना: राज्य में मौजूद 455 शहरी सहकारी बैंकों के कामकाज में पेशेवराना दृष्टिकोण लाया जाएगा ताकि वे वित्तीय संकट में न फंसे।

इस नई नीति का उद्देश्य है कि महाराष्ट्र देश के सहकारिता क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करे। इसके लिए सरकार तकनीक, पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।

इस नीति से किसानों, डेयरी व्यवसायियों और आम सहकारी संस्थाओं को बेहतर सेवाएं, अधिक अवसर और आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

YuvaSahakar Desk

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