Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

नकली उर्वरकों पर सख्ती: किसानों की मदद के लिए आगे आए शिवराज सिंह चौहान

कृषि मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा

Published: 12:41pm, 14 Jul 2025

देशभर में नकली और घटिया उर्वरकों की बढ़ती समस्या को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में साफ कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारी खेती है और किसानों की आय को बनाए रखने के लिए उन्हें समय पर, उचित दामों पर और अच्छी गुणवत्ता वाले उर्वरक मिलना बेहद जरूरी है। नकली उर्वरक न केवल किसान की मेहनत को बर्बाद करते हैं, बल्कि उसकी फसल और ज़मीन दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से कहा है कि वे अपने स्तर पर सख्त अभियान चलाएं और इस पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत नकली या घटिया उर्वरक बेचना गैरकानूनी है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पत्र में दिए गए प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:

  1. किसानों को ज़रूरत के अनुसार सही समय और स्थान पर उर्वरक उपलब्ध कराना।
  2. उर्वरक के निर्माण और बिक्री की नियमित जांच और सैंपलिंग करके घटिया माल को रोकना।
  3. पारंपरिक उर्वरकों के साथ नैनो-उर्वरकों या जैविक उत्पादों की जबरन टैगिंग पर रोक लगाना।
  4. दोषी व्यापारियों पर लाइसेंस रद्द करने, एफआईआर दर्ज कराने और कड़ी सजा दिलवाने की कार्रवाई करना।
  5. किसानों को असली और नकली उत्पादों की पहचान सिखाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना और उन्हें निगरानी प्रक्रिया में शामिल करना।

कृषि मंत्री ने उम्मीद जताई है कि यदि राज्य सरकारें इन दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करें और नियमित निगरानी करें, तो यह समस्या जड़ से खत्म हो सकती है। यह कदम किसानों की सुरक्षा और देश की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x