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Good News: RBI ने लगातार तीसरी बार घटाई ब्याज दर, रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती, EMI पर मिलेगी बड़ी राहत

यह लगातार तीसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है। इससे पहले फरवरी और अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में क्रमशः 25-25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की गई थी।

Published: 12:45pm, 06 Jun 2025

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट (0.5%) की कटौती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही रेपो रेट 6 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत रह गया है। इस साल आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है। इससे हर तरह के लोन की मासिक किस्त (EMI) घटने का रास्ता साफ हो गया है। रेपो रेट के आधार पर ही बैंक कर्ज की ब्याज दर तय करते हैं। इसी तरह, सीआरआर (कैश रिजर्व रेश्यो) को भी 4 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है। इससे अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ेगी और बैंकों के पास कर्ज देने लायक पूंजी ज्यादा होगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट घटाने की घोषणा की। एमपीसी की बैठक में सभी सदस्य ब्याज दर घटाने पर सहमत थे। केंद्रीय बैंक के इस फैसले को अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है क्योंकि इससे सभी तरह के कर्ज की ब्याज दर में कटौती की संभावना बन गई है। हालांकि बैंक ब्याज दरों में कितनी कटौती करेंगे यह उन पर निर्भर करेगा।

लगातार तीसरी बार कटौती

यह लगातार तीसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है। इससे पहले फरवरी और अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में क्रमशः 25-25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की गई थी। इस तरह, इस साल अब तक कुल 100 बेसिस प्वाइंट्स (एक प्रतिशत) की कटौती की जा चुकी है। यह ट्रेंड 5 साल बाद देखने को मिला है, जब लगातार रेपो रेट में कमी की गई है। कोविड-19 के बाद यह पहली बार है।

जीडीपी का पूर्वानुमान 6.5% पर बरकरार

हालांकि, संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष के लिए GDP का अनुमान 6.5% पर बरकरार रखा है। अच्छे मानसून की उम्मीद के चलते महंगाई का अनुमान 4% से घटाकर 3.7% कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि MPC का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती से विकास को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, दर निर्धारण समिति ने अपना रुख ‘अकोमोडेटिव’ से बदलकर तटस्थ कर लिया है।

EMI में 2000 रुपये तक की राहत संभव

रेपो रेट में इस कटौती का सीधा असर होम लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा। अगर बैंक इस पूरी कटौती को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं तो होम लोन की दरें 8 फीसदी से घटकर 7.5 फीसदी से नीचे आ सकती हैं। इससे 20 साल के लिए 30 लाख रुपए के होम लोन की मासिक किस्त (EMI) में लगभग 2000 रुपए की कमी आ सकती है।

CRR में भी कटौती, बैंकों के पास बढ़ेगी नकदी

इसके अलावा आरबीआई ने कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में भी 100 बेसिस प्वांइट्स की कटौती करते हुए इसे 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी कर दिया है। इससे बैंकों के पास लोन देने के लिए अधिक पैसे उपलब्ध होगें, जो अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ाने और ग्रोथ को रफ्तार देने में मदद करेगा। सीआरआर के तहत सभी बैंकों को आरबीआई द्वारा निर्धारित दर पर केंद्रीय बैंक के पास नगदी रखनी होती है।

YuvaSahakar Desk