Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

हरियाणा में गेहूं खरीद ने तोड़ा चार साल का रिकॉर्ड, 75 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य पूरा

हरियाणा में रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 के तहत गेहूं खरीद ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 74.95 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा छुआ, जो 75 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के करीब है। सरसों की खरीद भी 7.74 लाख मीट्रिक टन रही। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर डीबीटी के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया गया, जिससे 4,68,636 गेहूं किसानों को 16,462.70 करोड़ रुपये और 2,59,400 सरसों किसानों को 4,312.52 करोड़ रुपये मिले।

Published: 13:10pm, 16 May 2025

हरियाणा सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित फसल खरीद नीति ने रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सीजन में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद ने न केवल पिछले चार वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि किसानों को समयबद्ध भुगतान के माध्यम से आर्थिक राहत भी प्रदान की। हरियाणा सरकार ने इस वर्ष 1 अप्रैल से 14 मई तक 74.95 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा 75 लाख मीट्रिक टन के निर्धारित लक्ष्य को लगभग पूरा करता है। इसके अतिरिक्त, सरसों की खरीद भी 7.74 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची है।

गेहूं खरीद: चार साल का रिकॉर्ड टूटा

रबी सीजन 2025-26 में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हुई और 14 मई तक 74.95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसमें 72.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं केंद्रीय पूल के लिए और 2.05 लाख मीट्रिक टन राज्य कोटे के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए अधिग्रहित किया गया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2024-25 के 71.46 लाख मीट्रिक टन से काफी अधिक है। खरीद प्रक्रिया में 4,68,636 किसानों ने भाग लिया, जिन्हें प्रति क्विंटल 2,425 रुपये की MSP दर से 16,462.70 करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया। यह खरीद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम द्वारा संचालित की गई।

सरसों खरीद: प्रभावी प्रबंधन

सरसों की खरीद 15 मार्च से 1 मई तक चली, जिसमें हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 7.74 लाख मीट्रिक टन सरसों खरीदी। इस प्रक्रिया में 2,59,400 किसानों ने हिस्सा लिया, जिन्हें 4,312.52 करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी के जरिए किया गया। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले वर्ष की 11.04 लाख मीट्रिक टन खरीद से थोड़ा कम है, फिर भी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता ने किसानों का भरोसा जीता।

किसानों के लिए आर्थिक राहत

हरियाणा सरकार ने डीबीटी के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया है। गेहूं और सरसों की खरीद के लिए अब तक कुल 20,775.22 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। यह कदम न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी गति देता है।

भविष्य की योजनाएं

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने के लिए तकनीकी नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। मंडियों में सुविधाओं का विस्तार, ऑनलाइन पंजीकरण और त्वरित भुगतान प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि अगले सीजन में खरीद प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाया जाए, ताकि किसानों को बिना किसी असुविधा के उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x