नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे (NCTF) के अभिसरण एवं सत्यापन को लेकर आयोजित अंतिम राष्ट्रीय स्तरीय परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए एक सुदृढ़, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में सहकारी संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्रणाली को व्यवस्थित, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी बनाना आवश्यक है।
डॉ. भूटानी ने प्रशिक्षण के लिए मानकीकृत पाठ्यक्रम, प्रभावी प्रशिक्षण पद्धतियों और प्रमाणन व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाने और देशभर में लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाओं से जुड़े विभिन्न हितधारकों की क्षमता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि सहकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे को एकीकृत, व्यावहारिक एवं परिणाम आधारित स्वरूप प्रदान करने के लिए पूर्ण सहयोग करेगा। इसके लिए सभी संबंधित हितधारकों की सक्रिय भागीदारी और संस्थागत समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि एक प्रभावी प्रशिक्षण ढांचा देश के सहकारी क्षेत्र को अधिक सक्षम, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान देगा।


