पश्चिम बंगाल में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की लगभग 21 हजार सीटें खाली रहने के बाद राज्य सरकार ने प्रवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने स्तर पर विकेंद्रीकृत काउंसलिंग आयोजित करने की अनुमति दी है। इस निर्णय के तहत इंजीनियरिंग, फार्मेसी और आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से प्रवेश दिए जा सकेंगे। दाखिले की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
राज्य में बीटेक की कुल 48,683 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें से अब तक 27,599 सीटों पर प्रवेश हुए हैं। यानी लगभग 43 प्रतिशत सीटें अब भी खाली हैं। हालांकि, उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 11,870 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (WBJEE) ने इस बार नियमित ऑनलाइन काउंसलिंग के तीन चरणों के अतिरिक्त विकेंद्रीकृत काउंसलिंग भी आयोजित की थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने से प्रवेश प्रक्रिया की प्रभावशीलता और संस्थानों में विद्यार्थियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रिक्त सीटों की समस्या प्रमुख विश्वविद्यालयों में भी सामने आई है। जादवपुर विश्वविद्यालय में बीटेक की 1,190 सीटों में लगभग 140 सीटें खाली हैं, जबकि कलकत्ता विश्वविद्यालय में 478 सीटों में से 140 से अधिक सीटों पर दाखिले नहीं हुए हैं।
सरकार ने संस्थानों को रिक्त सीटों, पात्रता शर्तों और प्रवेश कार्यक्रम की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश संबंधी विवरण 31 अक्टूबर तक राज्य पोर्टल पर दर्ज करना होगा तथा दस्तावेज सत्यापन 2 नवंबर तक पूरा करना होगा।


