सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए देश के 1,200 से अधिक सहकारी बैंकों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने, साइबर खतरों की पहचान करने और वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी। साथ ही बैंकों और संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वय को मजबूती मिलेगी।
सहकारी बैंकों में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाओं के विस्तार के बीच साइबर सुरक्षा की आवश्यकता बढ़ी है। ऐसे में प्लेटफॉर्म से जुड़ने से ग्राहकों की वित्तीय जानकारी और डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है। सहकारिता मंत्रालय ने इसे सुरक्षित और विश्वसनीय सहकारी बैंकिंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।


