देश में स्कूल छोड़ चुके और 10वीं तथा 12वीं की परीक्षाओं में असफल विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस पहल के तहत राज्यों के सहयोग से ‘एनआईओएस मित्र’ तैनात किए जाएंगे, जो स्कूलों से दूर हो चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे।
योजना के अंतर्गत राज्य सरकारों के स्कूलों में पढ़ने के लिए पात्र होने के बावजूद शिक्षा से वंचित रह गए विद्यार्थियों को एनआईओएस के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। इसमें विशेष रूप से 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में असफल विद्यार्थियों पर ध्यान दिया जाएगा।
एनआईओएस ने इस अभियान को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव योजना भी तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी का प्रवेश सुनिश्चित कराने वाले एनआईओएस मित्र को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, 49 विद्यार्थियों तक प्रवेश दिलाने पर प्रति विद्यार्थी 80 रुपये, जबकि 50 से 99 प्रवेश दिलाने पर प्रति विद्यार्थी 100 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, 100 या उससे अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश पर प्रति विद्यार्थी 120 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की योजना है। इस राशि का खर्च केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करेंगी। अभियान में फिलहाल उत्तर प्रदेश के अयोध्या और श्रावस्ती जिलों को शामिल किया गया है। अन्य राज्यों में जिलों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
इस पहल का उद्देश्य वर्ष 2030 तक स्कूली शिक्षा में शत-प्रतिशत नामांकन के लक्ष्य की दिशा में प्रगति करना और पढ़ाई बीच में छोड़ चुके विद्यार्थियों को शिक्षा पूरी करने का दूसरा अवसर उपलब्ध कराना है।


