NEET-UG पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा की है। एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की जांच के लिए अब चार स्तरीय स्क्रूटनी सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि गलतियों और अनियमितताओं की संभावना कम की जा सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में NTA की परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की गई। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी द्वारा उठाए जा रहे सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी। अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 नए अधिकारियों को भी NTA में शामिल किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए NTA अपने कार्यालयों को नए परिसरों में स्थानांतरित करेगा। नए कार्यालयों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने NTA को अपनी पूरी परीक्षा प्रणाली का ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब UGC-NET जून 2026 की तीन विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराने के निर्णय को लेकर छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। NTA के अनुसार इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों की शिकायतें मिली थीं। जांच समिति ने भी प्रश्नपत्रों में खामियों की पुष्टि की और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षा कराने की सिफारिश की।
NSUI, SFI, AISA और KYS सहित कई छात्र संगठनों ने NTA के खिलाफ प्रदर्शन किया है। ABVP ने भी छात्रों के भविष्य से समझौता न करने और एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। सरकार का कहना है कि नए सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।


