विदेश की यूनिवर्सिटी से मास्टर्स या PhD करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट ने नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस बार कुल 125 छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ दिया जाएगा।
इन छात्रों को मिलेगा लाभ
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप का लाभ निर्धारित वंचित समुदायों के पात्र छात्रों को दिया जाता है। इनमें अनुसूचित जाति (SC), विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियां (DNT/NT/SNT), भूमिहीन कृषि मजदूर और पारंपरिक कारीगर परिवार शामिल हैं। आवेदक के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मास्टर्स और PhD के लिए 60 फीसदी अंक जरूरी
मास्टर्स या PhD के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित शैक्षणिक योग्यता होना जरूरी है। क्वालीफाइंग परीक्षा में कम से कम 60 फीसदी अंक या समकक्ष ग्रेड होना चाहिए। मास्टर्स के लिए संबंधित विषय में बैचलर डिग्री और PhD के लिए निर्धारित मास्टर डिग्री आवश्यक होगी।
इन खर्चों के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्रों को विदेश में पढ़ाई के दौरान कई तरह के खर्चों के लिए सहायता दी जाती है। इसमें ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस/रहने का खर्च, हवाई यात्रा, मेडिकल इंश्योरेंस सहित अन्य निर्धारित खर्च शामिल हैं।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक और वित्तीय जानकारी भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। उम्मीदवारों को विदेशी यूनिवर्सिटी और एडमिशन ऑफर से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध करानी पड़ सकती है।
आवेदन सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लें। आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त एकनॉलेजमेंट/आवेदन की कॉपी सुरक्षित रखना भी जरूरी है। छात्रों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पात्रता, दस्तावेज और अन्य नियमों की पूरी जानकारी जरूर जांच लें।


