कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) देश के कई विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश का प्रमुख माध्यम बन चुका है। लेकिन कम स्कोर आना या पसंदीदा कॉलेज में प्रवेश न मिलना करियर का अंत नहीं है। विद्यार्थियों के पास उच्च शिक्षा के कई दूसरे रास्ते मौजूद हैं, जिन्हें सही जानकारी और योजना के साथ अपनाया जा सकता है।
सबसे पहले विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि एक परीक्षा पूरे भविष्य का फैसला नहीं करती। कॉलेज की प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन लंबे समय में विषय की समझ, कौशल, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव भी करियर निर्माण में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
CUET में अपेक्षित स्कोर न मिलने पर राज्य विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया देखी जा सकती है। कई संस्थान 12वीं के अंकों, अपनी प्रवेश परीक्षा या अलग चयन प्रक्रिया के आधार पर एडमिशन देते हैं। निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय भी विकल्प हो सकते हैं, लेकिन प्रवेश से पहले संस्थान की मान्यता, फीस, फैकल्टी, प्लेसमेंट और कोर्स की गुणवत्ता की जांच जरूर करें।
कॉलेज चुनते समय केवल नाम पर नहीं, बल्कि पसंदीदा विषय पर ध्यान देना चाहिए। अपनी रुचि के विपरीत कोर्स लेना आगे परेशानी पैदा कर सकता है।
स्नातक पढ़ाई के साथ डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, प्रोग्रामिंग, ग्राफिक डिजाइन, विदेशी भाषा और कम्युनिकेशन जैसे कौशल सीखना रोजगार के अवसर बढ़ा सकता है। नियमित कॉलेज संभव न हो तो मान्यता प्राप्त ओपन या डिस्टेंस एजुकेशन भी उपयोगी विकल्प हो सकता है।
ड्रॉप लेने का फैसला भी पूरी योजना के बाद ही करें। यदि अच्छे विकल्प अभी उपलब्ध हैं तो केवल एक कॉलेज के लिए साल गंवाना हर विद्यार्थी के लिए जरूरी नहीं है।


