स्कूली बच्चों को लोकतंत्र और भागीदारी वाली शासन व्यवस्था की बुनियादी समझ देने के लिए तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में अगले महीने छात्र चुनाव कराए जाएंगे। यह पहल राज्य के ‘मगीझ मुत्रम’ कार्यक्रम के तहत शुरू की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष से इस कार्यक्रम में ‘स्टूडेंट पार्लियामेंट’ यानी छात्र संसद पहल को जोड़ा है।
इस पहल के तहत छात्र चुनाव प्रचार, घोषणापत्र, मतदान और स्टूडेंट कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे बच्चों को कम उम्र से ही नेतृत्व, जवाबदेही, सामूहिक निर्णय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुभव मिलेगा।
हर सरकारी स्कूल में पांच स्टूडेंट हाउस बनाए जाएंगे, जिनके नाम कुरिंजी, मुल्लई, मरुथम, नेइथल और पालई होंगे। प्रत्येक हाउस में एक हाउस कैप्टन और एक स्टूडेंट मिनिस्टर होगा। हाउस कैप्टन का चयन लॉटरी या हाथ उठाकर किया जाएगा, जबकि स्टूडेंट मिनिस्टर का चुनाव मतदान से होगा। हाउस कैप्टन के चयन की प्रक्रिया 3 जुलाई तक पूरी की जाएगी। स्टूडेंट मिनिस्टर पद के उम्मीदवार 6 जुलाई को प्रचार करेंगे और अपना घोषणापत्र पेश करेंगे।
चुनाव लड़ने के लिए अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों की पात्रता तय की गई है। प्राइमरी स्कूलों में कक्षा 5, मिडिल स्कूलों में कक्षा 8, हाई स्कूलों में कक्षा 9 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 11 के छात्र उम्मीदवार बन सकेंगे।
मतदान 7 जुलाई को होगा। चुने गए स्टूडेंट मिनिस्टर्स को शिक्षा, छात्र कल्याण और सुरक्षा, सूचना एवं संचार, पर्यावरण व जलवायु कार्रवाई और स्वास्थ्य-सफाई जैसे विभाग सौंपे जाएंगे। नए छात्र नेता 10 जुलाई को शपथ लेंगे।


