नई दिल्ली, 30 जून, 2026: गैब्रियल मार्टीनेली के आखिरी क्षणों में दागे गोल की बदौलत पांच बार के चैंपियन ब्राजील ने जापान को ह्यूस्टन स्टेडियम में मंगलवार तड़के फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 के अंतिम 32 मैच में बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में 2-1 से हरा दिया। काइशू सानो ने पहले हाफ में चौंकाते हुए गोल कर जापान को बढ़त दिलाई। मिडफील्डर कासीमिरो ने दूसरे हाफ में गोल कर ब्राजील को एक-एक की बराबरी दिला दी थी। ब्राजील अब अंतिम 16 में पांच जुलाई को न्यूजर्सी स्टेडियम, न्यूयॉर्क में आइवरी कोस्ट और नॉर्वे के बीच अंतिम 32 के विजेता से भिड़ेगा।
अपने नियोजित हमलों और मजबूत किलेबंदी के लिए ख्यात जापान के खिलाफ ब्राजील ने एकदम साफ सोच और पूरे दिलोजान से खेलकर पिछड़ने के बाद आखिरी क्षणों में धैर्य दिखाकर यह जीत हासिल की। काइशू सानो ने मैच के बाएं से आगे बढ़ते हुए मैच के 29वें मिनट में ब्राजीली रक्षापंक्ति की दरार का लाभ उठा दाएं पैर से दनदनाता शॉट जमा गोल कर जापान का खाता खोला।
कासीमिरो ने दूसरे हाफ के 11वें मिनट में गैब्रियल मैगालहाइज द्वारा उछाली गेंद को सिर से गोल में डालकर ब्राजील को एक-एक की बराबरी दिला दी। विनिशियस जूनियर ने अगले ही मिनट बॉक्स के भीतर पहुँचकर तेज शॉट लगाया, लेकिन जापान के गोलरक्षक जियोन सुजूकी ने गेंद को अपने गोल के ऊपर से बाहर कर ब्राजील को अपनी बढ़त बनाने से रोक दिया।
भले ही ब्राजील को विनिशियस जूनियर के इस बढ़िया प्रयास से जीत की आहट जरूर सुनाई देने लगी थी। खेल खत्म होने से कुछ ही क्षण पहले इंजुरी टाइम में ब्रूनो गुइमारेज द्वारा बॉक्स के भीतर बढ़ाई गेंद को मार्टीनेली ने संभाल जापान के गोलरक्षक जियोन सुजूकी को छका गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाकर अंतिम 16 में पहुँचा दिया। गैब्रियल मार्टीनेली का यह ब्राजील के लिए पांचवां अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिका में किया तीसरा गोल था।
हमारे पास बहुत विकल्प थे, हमने धैर्य नहीं खोया: एंसिलोटी
जापान पर अपनी टीम की जीत पर ब्राजील के कोच कार्लो एंसिलोटी ने कहा, ‘हमारे पास जापान के खिलाफ मैदान और बाहर बेंच पर बहुत विकल्प थे। हमने धैर्य नहीं खोया। जापान आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं था। जापान की टीम बहुत ही शिद्दत और इकाई के रूप में खेलती है। मैंने नेमार को अतिरिक्त समय के लिए बचाकर रखा था। हमने यदि आखिरी क्षणों में दूसरा गोल कर मैच नहीं जीता होता तो तब नेमार 105वें मिनट में मैदान पर उतरने वाले थे। हमारी टीम बढ़िया खेल रही है और इसीलिए मैं इसका स्ट्रक्चर नहीं बदलना चाहता।’
जापान पर इस जीत को बयां करने के लिए शब्द नहीं: मार्टीनेली
ब्राजील के लिए आखिरी क्षणों में विजयदाई गोल करने वाले गैब्रियल मार्टीनेली ने कहा, ‘अपनी टीम की जापान पर इस जीत को बयां करने के लिए मेरे दिल में शब्द नहीं हैं। हमारी इस जीत पर मेरे माता-पिता और सभी प्रशंसक जिस तरह खड़े थे मैं इसे बयां नहीं कर सकता। मेरे एक शॉट पर जब गेंद एक बार गोलस्तंभ की बल्ली से टकराकर वापस लौटी तो मैं जानता था कि मुझे गोल करने का एक और मौका मिलेगा। मैं बस इस बात से खुश हूँ कि मैं गोल कर अपनी ब्राजील की टीम को जिताने में कामयाब रहा, फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं चाहे बाएं खेलूँ या बीच में। सबसे अहम है अपनी ब्राजील टीम की मदद करना।’
हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी जेहनी सोच: कासीमिरो
ब्राजील के लिए पहला गोल करने वाले कासीमिरो ने कहा, ‘हमारी टीम की सबसे बड़ी ताकत हमारी जेहनी सोच है। विश्व कप में बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों की अहमियत समझना जरूरी है। बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरकर एंड्रिक बहुत बढ़िया खेले। मार्टीनेली एक और बेहतरीन खिलाड़ी हैं। रेयन का राफिन्हा की जगह बदलू खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरना भी बढ़िया रहा। यही जज्बा चाहिए और यही हमारी वह टीम है जो विश्व कप जीत सकती है।’
हार से टूट गया हूँ, पर मैं नतीजे को स्वीकार करता हूँ: मोरीयासू
जापान के कोच हाजिम मोरीयासू ने कहा, ‘मैं बहुत निराश हूँ कि हमें अंतिम 32 में ब्राजील से हारकर विश्व कप से बाहर होना पड़ रहा है। बावजूद इसके मैं यह कहूँगा कि हमारे खिलाड़ी यहाँ तक पहुँचने के अपने सफर की तरह इस मैच में पूरी शिद्दत से खेले। अपना सब कुछ झोंकने के बावजूद बेशक ब्राजील से इस हार से मैं टूट गया हूँ लेकिन मैं इस नतीजे को स्वीकार करता हूँ। हम इस हार को आगे और मजबूत बनने के लिए इस्तेमाल करेंगे।’


