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NCERT ने नकली किताबों से छात्रों, शिक्षकों को सावधान रहने की दी सलाह

एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद) ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को नकली पाठ्य पुस्तकों से सतर्क रहने की सलाह दी है। परिषद ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसकी किताबों के पायरेटेड और अनधिकृत संस्करण बाजार के साथ-साथ सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे हैं, जिससे छात्रों को गलत और भ्रामक जानकारी मिल सकती है।

Published: 12:33pm, 25 Jun 2026

एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद) ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को नकली पाठ्य पुस्तकों से सतर्क रहने की सलाह दी है। परिषद ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसकी किताबों के पायरेटेड और अनधिकृत संस्करण बाजार के साथ-साथ सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहे हैं, जिससे छात्रों को गलत और भ्रामक जानकारी मिल सकती है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की एक पुस्तक को एनसीईआरटी ने पूरी तरह फर्जी बताया है। परिषद ने स्पष्ट किया कि उसकी सभी पाठ्यपुस्तकें केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्रकाशित और जारी की जाती हैं। किसी भी नई पुस्तक को आधिकारिक रिलीज से पहले साझा या प्रसारित नहीं किया जाता।

एनसीईआरटी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से केवल आधिकारिक वेबसाइट, ई-पाठशाला पोर्टल और अधिकृत विक्रेताओं से ही पुस्तकें प्राप्त करने की अपील की है। परिषद ने कहा कि सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री अधूरी, बदली हुई या पूरी तरह मनगढ़ंत हो सकती है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। एनसीईआरटी की डिजिटल किताबें उसकी आधिकारिक वेबसाइट और ई-पाठशाला पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।

परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी कॉपीराइट सामग्री को बिना अनुमति प्रिंट करना, कॉपी करना, बेचना या ऑनलाइन साझा करना कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत दंडनीय अपराध है। नकली और पायरेटेड सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी को ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो वह इसकी सूचना एनसीईआरटी को ईमेल के माध्यम से दे सकता है।

YuvaSahakar Team