नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत बनाने के लिए ‘परीक्षा कर्मयोगी’ नाम से एक विशेष डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के iGOT कर्मयोगी भारत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और खास तौर पर परीक्षा अधिकारियों, केंद्र अधीक्षकों तथा निरीक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किया गया है।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब पिछले वर्ष NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर कार्यरत कर्मियों की क्षमता बढ़ाना और ऑफलाइन, पेन-एंड-पेपर आधारित परीक्षाओं के संचालन में एकरूपता लाना है।
‘परीक्षा कर्मयोगी’ कार्यक्रम में चार मॉड्यूल शामिल हैं। इनमें परीक्षा प्रक्रिया का परिचय, परीक्षा पूर्व तैयारियां, परीक्षा दिवस की जिम्मेदारियां और क्विक रेफरेंस गाइड शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs), निष्पक्षता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यह कोर्स सेल्फ-पेस्ड लर्निंग और मूल्यांकन आधारित प्रमाणन की सुविधा भी प्रदान करता है। NTA का मानना है कि प्रशिक्षित और प्रमाणित परीक्षा कर्मी ही बड़े स्तर की राष्ट्रीय परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पहल देशभर में परीक्षा प्रशासन के समान मानक स्थापित करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


