भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बन चुका है

Published: 10:45am, 04 Jun 2026

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2025 में अमेरिका को पीछे छोड़ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा विकास बाजार बनने का गौरव प्राप्त किया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच X पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत की सौर ऊर्जा विकास गाथा अब वैश्विक मानक स्थापित कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता प्रमुख सौर ऊर्जा बाजार बन चुका है और मजबूत नीतियों, नवाचार तथा विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के दम पर रिकॉर्ड क्षमता वृद्धि दर्ज कर रहा है।

प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत का स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है, सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है और भारत वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2025 में 37 गीगावॉट से अधिक नई सौर क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने 34 गीगावॉट क्षमता जोड़ी। इसी के साथ भारत अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की तेज स्वच्छ ऊर्जा प्रगति और विश्वसनीय एवं टिकाऊ सौर अवसंरचना को दर्शाती है।

इससे पहले 9 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत अब दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने इस सूची में ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है।

IRENA के दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, चीन 2258.02 गीगावॉट क्षमता के साथ पहले स्थान पर है, जबकि अमेरिका 467.92 गीगावॉट के साथ दूसरे और भारत 250.52 गीगावॉट क्षमता के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत के बाद ब्राजील और जर्मनी का स्थान है।

सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने कुल 55.3 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता जोड़ी। वहीं जुलाई 2025 में देश ने बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी दर्ज की। उस दौरान कुल 203 गीगावॉट बिजली मांग में से 51.5 प्रतिशत मांग नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की गई।

YuvaSahakar Desk