केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वहीं 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा (IIS) अधिकारी वरुण भारद्वाज को बोर्ड का नया सचिव बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े कथित अनियमितताओं के विवाद में घिरा हुआ है।
प्रशांत लोखंडे, जो 2001 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी हैं, इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने राहुल सिंह की जगह ली है, जिन्हें अब कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है।
वहीं वरुण भारद्वाज इससे पहले शिक्षा मंत्रालय में सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने हिमांशु गुप्ता का स्थान लिया है, जिनकी “समयपूर्व वापसी” उनके मूल कैडर गृह मंत्रालय में प्रशासनिक आधार पर कर दी गई है।
OSM सिस्टम पर उठे सवाल
CBSE ने इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षाओं के लिए पहली बार डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। इसके तहत परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियों का मूल्यांकन किया, जबकि पहले फिजिकल कॉपियों की जांच होती थी।
हालांकि इस नई व्यवस्था को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि OSM सिस्टम में तकनीकी खामियां, मूल्यांकन में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी रही। इसके अलावा स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन का ठेका एक विवादित निजी कंपनी को दिए जाने पर भी विवाद गहरा गया है।
जांच के लिए बनाई गई समिति
सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष सुश्री एस. राधा चौहान करेंगी। बढ़ते विरोध के बीच CBSE ने आज पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए वेबसाइट भी खोल दी है। यह सुविधा 6 जून मध्यरात्रि तक उपलब्ध रहेगी। CBSE ने स्पष्ट किया है कि केवल वे छात्र ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं जिन्होंने पहले से अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां प्राप्त कर ली हैं।


