डेयरी किसानों के लिए खुशखबरी, ओडिशा सरकार ने 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया दूध का रेट

विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने डेयरी किसानों के हित में दूध खरीद मूल्य में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की। साथ ही "अनुकंपा सहायता योजना" और "मुख्यमंत्री कामधेनु योजना" के तहत आर्थिक सहायता और सब्सिडी की भी घोषणाएं की गईं। इसके साथ ही राज्य में दूध उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Published: 17:06pm, 02 Jun 2025

ओडिशा सरकार ने विश्व दुग्ध दिवस 2025 के अवसर पर डेयरी किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (ओएमएफईडी) से जुड़े किसानों के लिए दूध खरीद मूल्य में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की। यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इससे राज्य के लगभग 2.5 लाख डेयरी किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। इस अतिरिक्त लागत का वहन स्वयं राज्य सरकार करेगी, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

समारोह में मुख्यमंत्री ने “अनुकंपा सहायता योजना” की शुरुआत भी की। इस योजना के तहत, किसी डेयरी किसान की असामयिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह कदम किसानों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

डेयरी क्षेत्र को और सशक्त करने के लिए सरकार ने “मुख्यमंत्री कामधेनु योजना” शुरू की है। इसके अंतर्गत डेयरी किसानों को नई गोशालाएं स्थापित करने के लिए 70% तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह योजना 2024-25 से 2028-29 तक लागू रहेगी और इसका कुल बजट 1,423.47 करोड़ रुपये है। इसके तहत 3 लाख किसानों को 71 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और 77 गोशालाओं के लिए 10.5 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 30 लाख मीट्रिक टन ओएमएफईडी घी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम स्थानीय डेयरी उद्योग को बढ़ावा देगा और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित करेगा।

उपभोक्ताओं के लिए ओएमएफईडी दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। प्रारंभिक प्रस्ताव 4 रुपये की वृद्धि का था, लेकिन सरकार ने 2 रुपये की सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में ओडिशा में 26.4 लाख मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ। नई सरकार ने अगले पांच वर्षों में दूध उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, ताकि किसान आत्मनिर्भर बनें और राज्य की दुग्ध आपूर्ति श्रृंखला सशक्त हो। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री पार्वती परिदा, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक और विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन भी उपस्थित रहे।

YuvaSahakar Desk

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