Trending News

टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा, हाईकोर्ट में याचिका खारिज, कहा- ऐसा करने का सरकार के पास अधिकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी में SIT को सोने-चांदी का रिकॉर्ड नहीं मिला, अफसरों के हाथ शिफ्ट हो सकता है मैनेजमेंट, टिन्नू यादव से हुई लंबी पूछताछ नाइजर में बड़ा हमला, राजधानी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंधाधुंध फायरिंग, 11 जवानों की मौत यूपी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे AI और रोबोटिक्स, IIT कानपुर 900 शिक्षकों को देगा ट्रेनिंग 21 जून को नीट री-एग्जाम, एनएमसी का कॉलेजों को सख्त आदेश, बिना वैध कारण नहीं मिलेगी छुट्टी चारधाम यात्रा में अब तक 37.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी ईपीएफ पर मिलेगा 8.25% ब्याज, 7 करोड़ खाताधारक होंगे लाभान्वित टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा, हाईकोर्ट में याचिका खारिज, कहा- ऐसा करने का सरकार के पास अधिकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी में SIT को सोने-चांदी का रिकॉर्ड नहीं मिला, अफसरों के हाथ शिफ्ट हो सकता है मैनेजमेंट, टिन्नू यादव से हुई लंबी पूछताछ नाइजर में बड़ा हमला, राजधानी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंधाधुंध फायरिंग, 11 जवानों की मौत यूपी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे AI और रोबोटिक्स, IIT कानपुर 900 शिक्षकों को देगा ट्रेनिंग 21 जून को नीट री-एग्जाम, एनएमसी का कॉलेजों को सख्त आदेश, बिना वैध कारण नहीं मिलेगी छुट्टी चारधाम यात्रा में अब तक 37.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी ईपीएफ पर मिलेगा 8.25% ब्याज, 7 करोड़ खाताधारक होंगे लाभान्वित

आरबीआई ने रामपुर जिला सहकारी बैंक पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

नियम उल्लंघन को गंभीर मानते हुए आरबीआई ने बैंक पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

Published: 10:51am, 24 Oct 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला सहकारी बैंक पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 26A और 56 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर की गई है।

आरबीआई ने यह आदेश 3 अक्टूबर 2025 को जारी किया। यह कार्रवाई धारा 47A(1)(c) के तहत की गई है, जिसे धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पढ़ा गया है।

आरबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई नाबार्ड (NABARD) द्वारा की गई बैंक की 31 मार्च 2024 तक की वित्तीय स्थिति की जांच के बाद की गई। जांच में पाया गया कि बैंक ने कुछ नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उसे कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) जारी किया गया।

आरबीआई ने बैंक के लिखित जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई में दिए गए स्पष्टीकरण पर विचार करने के बाद यह पाया कि बैंक ने योग्य और अप्रयुक्त राशि को निर्धारित समय में जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (DEA) फंड में स्थानांतरित नहीं किया।

YuvaSahakar Desk