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‘काऊ टूरिज्म’ से UP की ग्रामीण अर्थव्यस्था को मिलेगा बल, हर जिले में बनेगी ‘आदर्श गोशाला’

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू की है, जिसमें प्रत्येक जिले में आदर्श गोशाला स्थापित कर काऊ टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा तथा गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को मजबूती मिलेगी।

Published: 17:21pm, 16 Oct 2025

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक जनपद में एक ‘आदर्श गोशाला’ स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से ‘काऊ टूरिज्म’ को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे गोशालाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और ग्रामीणों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके लिए गाय से प्राप्त उत्पादों जैसे गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और इनसे बने अन्य उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोबर आधारित उत्पादों का उत्पादन और विपणन स्थानीय स्तर पर किया जाएगा, जिससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों का विकास संभव होगा।

महिला स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान से जोड़ने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी वस्तुएं दीपावली जैसे त्योहारों में उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर तैयार की जाएं। इसके लिए राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यावसायिक उपयोग के लिए स्थानीय योजनाएं तैयार की जाएं और उनके प्रचार-प्रसार के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम ने कहा कि यह योजना न केवल गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से ‘वोकल फॉर लोकल’ को बल मिलेगा और गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को नई पहचान मिलेगी।

योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि इससे ग्रामीण आजीविका, पर्यटन और स्थानीय उत्पादन को भी व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

YuvaSahakar Desk