त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) ने सोमवार को “PMFBY और KCC पर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” विषय पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच प्रमुख कृषि सहायता योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना है। इस पहल को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (IRMA) के निदेशक और टीएसयू के स्कूल ऑफ कोऑपरेटिव मैनेजमेंट के डीन सस्वता नारायण बिस्वास, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक एम. एस. सावंत उपस्थित रहे। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण सहयोगी प्रणव माली तथा कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर आशीष अरगड़े भी मौजूद थे। यूएनडीपी–कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय परियोजना से पल्लवी माली वर्चुअली शामिल हुईं।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रो. बिस्वास ने बताया कि आईआरएमए के त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय में रूपांतरण के बाद इसकी भूमिका भारत के सहकारी तंत्र को मजबूत करने में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी जानकारी और कौशल को प्रशिक्षकों तक पहुंचाने पर केंद्रित है। इसमें कृषि जोखिम प्रबंधन, फसल बीमा प्रणाली, दावा आकलन, मौसम आधारित बीमा और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षकों को इस तरह तैयार करना है कि वे देशभर के किसानों, खासकर अंतिम छोर तक के किसानों तक इन योजनाओं के लाभ और जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।


