नाइजीरिया के जिगावा राज्य के गवर्नर मलाम उमर नमादी के अनुरोध पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की एक टीम ने जिगावा राज्य का दौरा कर वहां के पशुधन क्षेत्र का आकलन किया और डेयरी विकास की संभावनाओं का अध्ययन किया।
NDDB के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. आर. ओ. गुप्ता और वैज्ञानिक-III डॉ. पोनन्ना एन.एम. के नेतृत्व में टीम ने राज्य के विभिन्न पशुधन बाजारों, दूध संग्रह केंद्रों और पशुपालक बस्तियों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने किसानों, पशु चिकित्सकों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं को समझा।
बाद में NDDB टीम ने जिगावा राज्य के गवर्नर से मुलाकात कर अपने दौरे से प्राप्त निष्कर्षों को प्रस्तुत किया। साथ ही भारत के डेयरी सहकारी मॉडल और जिगावा राज्य में डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए संभावित हस्तक्षेपों का भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
गवर्नर उमर नमादी ने NDDB की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि मजबूत डेयरी सहकारी समितियों, समेकित इनपुट सेवाओं और बाजार से जुड़े तंत्र ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नाइजीरिया की कृषि-जलवायु परिस्थितियों में समानता होने के कारण भारतीय सहकारी डेयरी मॉडल के कई तत्वों को जिगावा राज्य में अपनाया जा सकता है।
गवर्नर ने NDDB से कई क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग का अनुरोध भी किया। इनमें सीमेन उत्पादन केंद्र की स्थापना, कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं को मजबूत करना, फ्रोजन सीमेन और एआई तकनीकों में तकनीकी कर्मियों का प्रशिक्षण, सहकारी विकास, डेयरी प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत से डेयरी उपकरण और क्रायोकैन की आपूर्ति तथा नाइजीरिया में वैक्सीन निर्माण क्षमता विकसित करने में भी NDDB के सहयोग की इच्छा जताई।
गवर्नर नमादी ने इस सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए NDDB से जिगावा राज्य के लिए एक व्यापक डेयरी विकास योजना तैयार करने का अनुरोध किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी राज्य के पशुधन क्षेत्र की क्षमता को विकसित करने और किसानों तथा पशुपालक समुदायों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।


